नजीबाबाद के प्राइवेट अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए पिता-पुत्र, इंतजार है गब्बर फिल्म के अक्षय कुमार का

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मरीज के परिजनों के बकाया जमा करने तक नही दिया शव

मृतक के बेटे ने अस्पताल का नोटिस पढ़ लगाई फांसी


नजीबाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नजीबाबाद में एक प्राइवेट अस्पताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने मरीज का बकाया जमा होने तक परिजनों को शव तक नहीं दिया। इसके बाद अस्पताल की ओर से भेजे गए नोटिस को पढ़ कर मृतक का पुत्र सदमे में आ गया और उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। अब मृतक के पुत्र ने नजीबाबाद कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम दरियापुर थाना नजीबाबाद जिला बिजनौर निवासी वसीम ने बताया कि उनके पिता मौ. मोबिन की तबीयत खराब थी, उपचार के लिए उन्हें 5 अक्टूबर को पूजा अस्पताल नजीबाबाद में भर्ती कराया था। अस्पताल के कर्मियों ने पैसे जमा करवा कर उनके पिता का इलाज शुरू कर दिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। जिसका भी शुल्क अस्पताल के कर्मियों ने उनसे जमा करवा दिया। वसीम ने बताया कि पिता की तबियत के बावत जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि अभी आईसीयू में है और मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत है। जिसके बाद अस्पताल में भाई शावेज से 10 हजार रूपये और जमा कर दिये गए, लेकिन परिजनों को नही मिलने नही दिया। परिजनों ने मरीज की छुटटी करने के लिए कहा तो अस्पताल ने 70 हजार बकाया जमा करने की बात कही। अस्पताल के कर्मचारियों ने उसके बाद मोबीन का शव परिजनों को सौंप दिया।
उसके बाद 25 दिसंबर को प्रार्थी के भाई वसीम और जीशान को एक झूठा नोटिस पूजा अस्पताल की ओर से भेजा गया। उन्होंने बताया कि भाई शावेज ने नोटिस को पढा और शावेज से नोटिस के अन्दर लिखी बाते बर्दाश्त नही हुई और उसने 29 दिसंबर को सुबह नोटिस पढने के बाद शाम को 5 बजे फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पीड़ित वसीम ने पुलिस को दी तहरीर में पूजा अस्पताल नजीबाबाद के निदेशक पर मानसिक उत्पीडन के कारण आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में नजीबाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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