2015 में कोटद्वार का बलवा केस: भाजपा के पूर्व और वर्तमान जिलाध्यक्ष समेत सभी 27 आरोपी दोषमुक्त, यह था पूरा मामला

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कोटद्वार। सितंबर 2015 में कोटद्वार शहर में हुए बलवा के सभी 27 आरोपियों को एसीजेएम मनोज द्विवेदी की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल और पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रावत भी शामिल हैं। अदालत का यह फैसला करीब 10 साल बाद आया है। जिससे हिंदू संगठनों और भाजपा के पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

सितंबर 2015 में कोटद्वार के प्रजापति नगर व लकड़ी पड़ाव में किसी बात को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे। तब एक पक्ष ने प्रजापतिनगर के लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद कोटद्वार में कई दिनों तक तनाव रहा। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने कोतवाली समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन कर बाजार बंद कराया था। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी।

तत्कालीन एसएसआई विजय सिंह ने इस मामले में एक युवक मोहित कुकरेती को गिरफ्तार करते हुए 150 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में जनता का दबाव बढ़ने पर तत्कालीन सरकार ने मुकदमा वापस लेने की सिफारिश की थी, लेकिन अदालत ने इसे वादी की इच्छा पर छोड़ दिया। वादी अधिकारी की ओर से मुकदमा वापस न लिए जाने पर पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जिसमें भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल व पूर्व अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रावत समेत 27 के खिलाफ 10 साल तक कोर्ट में मुकदमा चला। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद वर्मा व बृजमोहन चौहान ने बताया कि अदालत ने इस मुकदमे में कई खामियां पाई। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और साक्ष्यों के अभाव में मंगलवार को कोर्ट ने सभी 27 लोगों को दोषमुक्त कर दिया।

वर्ष 2015 में कई दिनों तक चला धरना प्रदर्शन, बना रहा तनाव
लकड़ी पड़ाव व प्रजापति नगर आपस से सटे इलाके हैं। जहां संप्रदाय विशेष के समुदाय की घनी आबादी है। प्रजापति नगर में हुए टकराव की घटना में एक वर्ग से जुडे़ कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जिनका देहरादून में उपचार चला। इस घटना के बाद कोटद्वार में हुए बवाल ने पूरे राज्य के पुलिस प्रशासन का ध्यान खींचा और कई दिनों तक भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। कोटद्वार में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए वर्ष 2016 में शासन ने पौड़ी जिले में अपर पुलिस अधीक्षक का पद सृजित करते हुए उनका मुख्यालय कोटद्वार कर दिया।

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