क्राइम मीटिंग पौड़ी: सीआईयू प्रभारी रणजीत तोमर समेत 21 पुलिसकर्मियों को मिला कप्तान का मेहनती सम्मान

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“ऑपरेशन क्रैकडाउन” वेरिफिकेशन ड्राइव को पूरी गंभीरता से संचालित करने के निर्देश

खबर डोज, कोटद्वार। पुलिस लाइन पौड़ी में माह जनवरी की मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में जनपद की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा एवं पुलिसिंग की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई। गोष्ठी में समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

अपराध विश्लेषण के आधार पर सभी थानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, गिरफ्तारी प्रतिशत में वृद्धि तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और समन्वित कार्यवाही पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यालय स्तर से एक माह के लिए संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन क्रैकडाउन” वेरिफिकेशन ड्राइव को पूरी गंभीरता से संचालित करने के सख्त निर्देश दिए गए। सभी थाना प्रभारियों को व्यक्तिगत रूप से अभियान की मॉनिटरिंग कर सघन सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि यह अभियान औपचारिकता तक सीमित न रहे।

जनपद के ज्वैलर्स, बैंक एवं बड़े प्रतिष्ठानों में पूर्व में किए गए सीसीटीवी सत्यापन अभियान के संदर्भ में निर्देश दिए गए कि भविष्य में किसी घटना के दौरान कैमरों में कमी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही, किसी भी गंभीर आपराधिक घटना पर संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से घटनास्थल निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
नशा उन्मूलन अभियान को और अधिक सक्रिय व परिणाममुखी बनाने पर जोर देते हुए एनडीपीएस मामलों में त्वरित विवेचना, सक्रिय अपराधियों की निगरानी एवं डिजिटल प्रोफाइलिंग अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए प्रत्येक प्रकरण में तत्काल एफआईआर, समयबद्ध विवेचना और तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर बल दिया गया। गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण और अन्य जनपदों से समन्वय बढ़ाने को कहा गया।

मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए लंबित माल के समयबद्ध निस्तारण तथा एम-मालखाना पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जमीनी विवादों में क्षेत्राधिकारी स्तर से जांच के उपरांत ही वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही गई।
साइबर धोखाधड़ी मामलों में डिजिटल साक्ष्यों का त्वरित संकलन, बैंक खातों की जांच और संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर पीड़ितों की धनराशि शीघ्र सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए। कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लंबित वारंटों के निष्पादन में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी, ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, स्टंटबाजी और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में जनवरी माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा सभी अधिकारियों को निष्ठा एवं सक्रियता के साथ जनपद में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर, अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला, अभियोजन अधिकारी राजीव डोभाल, क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल, क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, सीएफओ राजेंद्र खाती आदि मौजूद रहे।

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