गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की नाराजगी का असर, कोटद्वार में डाक विभाग को सौंपा पासपोर्ट ऑफिस

खबर डोज, कोटद्वार। गढ़वाल के सांसद और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी की कड़ी नाराज़गी के बाद आखिरकार कोटद्वार में तैयार पासपोर्ट ऑफिस को जिला प्रशासन ने पोस्टल विभाग को औपचारिक रूप से हैंडओवर कर दिया। लंबे समय से लंबित पड़े इस मामले पर सांसद के सार्वजनिक बयान के बाद प्रशासन हरकत में आया और कामकाज आगे बढ़ा।
विदेश मंत्रालय ने इस वर्ष मार्च में ही कोटद्वार पासपोर्ट ऑफिस की मंजूरी प्रदान कर दी थी। इसके बाद सांसद बलूनी ने ऑफिस की स्थापना के लिए अपनी सांसद निधि से 12 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई। तय योजना के अनुसार जुलाई माह तक कोटद्वार तहसील परिसर में पासपोर्ट ऑफिस का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया था। इसके बावजूद कार्यालय को विभाग के संचालन हेतु सौंपा नहीं जा रहा था, जिससे सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं।
मामले में सांसद बलूनी ने कई बार जिला प्रशासन से संपर्क किया और स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसी बीच कुछ दिन पहले उनका तीखा बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बलूनी ने इसमें स्पष्ट तौर पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि अपने ही संसदीय क्षेत्र में पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा शुरू न हो पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद के इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भी इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
सार्वजनिक दबाव बढ़ने के बाद अंततः जिला प्रशासन ने आज पासपोर्ट ऑफिस पोस्टल विभाग को आधिकारिक रूप से हैंडओवर कर दिया। कार्यालय हस्तांतरण के साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि निकट भविष्य में कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र के हजारों लोगों को पासपोर्ट संबंधित सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। फिलहाल, संचालन की तिथि और औपचारिक उद्घाटन को लेकर विभाग जल्द ही आगे की जानकारी जारी करेगा।
स्थानीय निवासियों और व्यापारिक समुदाय ने पासपोर्ट ऑफिस के हस्तांतरण का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इसके शुरू होने से हरिद्वार अथवा देहरादून जाने की परेशानी काफी हद तक कम होगी और समय व खर्च की बचत होगी।

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