हरिद्वार: गृह प्रसव रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सख्त, 8 दाइयां चिन्हित, कार्रवाई के निर्देश

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खबर डोज, हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के तहत गृह प्रसव (होम डिलीवरी) को पूरी तरह समाप्त करने और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में 13 अप्रैल 2026 को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर द्वारा जनपद हरिद्वार के इमलीखेड़ा ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप-ए, पिरान कलियर का निरीक्षण एवं समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मियों से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि क्षेत्र में कुल 411 प्रसवों में से 55 प्रसव दाइयों द्वारा कराए गए हैं, जो कि शासन के निर्देशों का उल्लंघन माना जा रहा है।

इस पर संज्ञान लेते हुए डॉ. रमेश कुंवर ने 8 दाइयों को चिन्हित किया है। गौरतलब है कि पूर्व में भी गृह प्रसव को शून्य करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद इस प्रकार के मामलों का सामने आना लापरवाही को दर्शाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने इन चिन्हित दाइयों को नामजद करते हुए थाना अध्यक्ष पिरान कलियर के समक्ष प्रस्तुत किया है। साथ ही, उनके खिलाफ कड़ी निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना ही मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का सबसे प्रभावी उपाय है। ऐसे में गृह प्रसव को पूरी तरह रोकने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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