नगर निगम कोटद्वार: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, खुद की गलती और मकान मालिक को ही बता दिया दोषी, गलत सर्वे से जनता बेहाल, मकान स्वामियों के नाम और पिता का नाम भी उल्टा–सीधा

खबर डोज, कोटद्वार। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत नगर निगम कोटद्वार के कर्मचारियों पर सटीक बैठ रही है। कर्मचारी अपने ढर्रे से नीचे उतरने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। सर्वे की गड़बड़ियों ने नागरिकों को परेशानी में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि सर्वे टीम ने न केवल मकान स्वामियों के नाम गलत दर्ज किए, बल्कि कई जगहों पर स्वामियों के पिता के नाम तक गलत लिख दिए, जिससे कर निर्धारण और रिकॉर्ड अपडेट में गंभीर त्रुटियां सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम कोटद्वार ने संपत्ति सर्वे का काम उत्तराखंड की बजाय उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित राम टेक कंपनी को सौंपा था। कंपनी की टीम ने क्षेत्र का सर्वे तो किया, लेकिन नागरिकों के अनुसार यह सर्वे जमीनी हकीकत के बजाय “हवा-हवाई” तरीके से किया गया। कई मकानों के स्वामी का नाम गलत दर्ज किया गया, वहीं उनके पिता का नाम भी गलत लिखते हुए डाटा फीड कर दिया गया।
सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब नाम सुधार की मांग करने पर नगर निगम कर्मचारी ने सर्वे टीम को सही बताते हुए शिकायतकर्ता मकान स्वामी को ही गलत ठहरा दिया। नागरिकों का सवाल स्पष्ट है कि कोई अपने पिता का नाम गलत कैसे बता सकता है, फिर भी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
मामले को लेकर शहरवासियों में नाराज़गी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि निगम सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बाहरी कंपनियों के भरोसे छोड़कर जनता को मुश्किलों में धकेल रहा है। गलत नाम दर्ज होने से कर संबंधी नोटिस, वार्षिकी कर, स्वामित्व प्रमाण और भविष्य के सरकारी रिकॉर्ड सभी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि त्रुटिपूर्ण सर्वे का तत्काल पुनर्सर्वे कराया जाए, नागरिकों की आपत्तियों को प्राथमिकता दी जाए और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 खबरडोज के व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ें








