पंजनहेड़ी गोलीकांड: दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज, मुख्य आरोपी तरुण चौहान अब भी फरार

खबर डोज, हरिद्वार। ग्राम पंजनहेड़ी स्थित उषा टाउनशिप कॉलोनी में भूमि पैमाइश के दौरान हुए चर्चित गोलीकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कथित रूप से आत्मरक्षा में गोली चलाने का दावा करने वाले दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि किसी संस्था द्वारा आरोप लगाए जाने से न्यायालय अपने निर्णय से विचलित नहीं होगा।
क्या है पूरा मामला
ग्राम पंजनहेड़ी में विकसित उषा टाउनशिप कॉलोनी में मातृसदन द्वारा अवैध प्लॉटिंग की शिकायत के बाद एचआरडीए ने भूमि पैमाइश के आदेश दिए थे। 28 जनवरी को प्रशासनिक टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान कॉलोनाइजर अमित चौहान और शिकायतकर्ता पक्ष के साथ पहुंचे अतुल चौहान, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान सहित अन्य लोगों के बीच विवाद और मारपीट हो गई। विवाद के दौरान चली गोली में सचिन चौहान और कृष्णपाल घायल हो गए। मामले में अतुल चौहान को जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान पुत्र दीपक सहित गौरव चौहान पुत्र प्रदीप कुमार, अभिषेक चौहान उर्फ सिम्मी पुत्र सतवीर और अभिषेक पुत्र त्रिलोक चंद अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
जमानत याचिका पर अदालत की सख्त टिप्पणी
इस प्रकरण में अभिषेक चौहान उर्फ सिम्मी और गौरव चौहान की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान डीजीसी (आपराधिक) इंद्रपाल बेदी ने अदालत को बताया कि आवेदक और सह-आरोपी पूर्व नियोजित इरादे से घटनास्थल पर पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल मौजूद थी, जिसका प्रयोग अपराध में किया गया।
अदालत के समक्ष यह तथ्य भी आया कि घटना के बाद आवेदक अन्य सह-आरोपियों अतुल, तरुण और ब्रह्मचारी सुदानंद के साथ मौके से फरार हो गए तथा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अभिषेक चौहान के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आई, जिससे उसका आपराधिक इतिहास भी उजागर हुआ।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने टिप्पणी की कि न्यायालय के विरुद्ध झूठी और निराधार शिकायतें की जा सकती हैं, लेकिन इससे न्यायिक कर्तव्यों के पालन में कोई बाधा नहीं आएगी। अपराध की गंभीरता और प्रकृति को देखते हुए अदालत ने अभिषेक चौहान और गौरव चौहान की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर
घटना को 22 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी तरुण चौहान की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और पुलिस की ओर से फरार आरोपियों की तलाश जारी होने की बात कही जा रही है।
पंजनहेड़ी गोलीकांड अब कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और अदालत की अगली कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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