लोनिवि की लीपापोती: हिलबाई पास रोड है बंद, सीएम और डीएम से शिकायत के बाद भी जारी है निर्माण कार्य, व्यापारी ने लगाए आरोप, देखिए वीडियो
–घटिया निर्माण कार्य से करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने का आरोप
खबर डोज, हरिद्वार। हिलबाई पास रोड अधिकारियों के लिए हर वर्ष सोने का अंडा देने वाली रोड बन गई है। इस रोड पर भले ही यातायात नहीं चलता, लेकिन हर मेले में करोड़ों का बजट इसके निर्माण के लिए आता है। बावजूद इसके इस रोड पर यातायात आज तक नहीं चल पाया है।
यह बात प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल हरिद्वार के महामंत्री संजय त्रिवाल ने आरोप लगाया कि इस रोड पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और करोड़ों रुपये के सरकारी धन को ठिकाने लगाने का खेल चल रहा है। कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है और काम मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा, जिसके कारण सड़क और उससे जुड़े सुरक्षा कार्य समय से पहले ही खराब होने लगे हैं।
कहा कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले वायर क्रेट (Wire Crate) और उनमें भरे गए पत्थरों की गुणवत्ता में भी भारी अंतर दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर छोटे पत्थर भरे गए हैं तो कहीं बड़े-बड़े पत्थर डाले गए हैं, जिससे संरचना मजबूत नहीं बन पा रही है। वायर क्रेट और पत्थरों का चयन भी एक समान नहीं है, जिससे यह साफ दिखाई देता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है।
कहा कि इस सड़क पर हर वर्ष लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से काम कराया जाता है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हो पाया। आरोप है कि हर साल मरम्मत और निर्माण के नाम पर बजट खर्च किया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद ही सड़क फिर से खराब हो जाती है। इससे यह संदेह और भी गहरा हो जाता है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही।
पिछली बरसात में जो पुस्ते बनाए गए थे, वे अगली ही बरसात में ढह गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसका मतलब साफ है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था। अगर निर्माण कार्य सही तरीके से और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया जाता तो वह इतनी जल्दी खराब नहीं होता। कहा कि लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सबसे चिंताजनक बात यह बताई जा रही है कि जिस सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहां फिलहाल यातायात भी ठीक से संचालित नहीं हो पा रहा है। यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही है। कहा कि यदि इस सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी ठीक से नहीं की जा रही और जिम्मेदार अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कहा कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह सड़क पूरी तरह से खराब हो सकती है और फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की नौबत आ जाएगी। लोगों ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरकार विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी करती है ताकि लोगों को बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, लेकिन यदि निर्माण कार्य में ही भ्रष्टाचार और लापरवाही हो तो इसका सीधा नुकसान आम जनता को ही उठाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए तकनीकी टीम भेजी जाए और मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए। साथ ही वायर क्रेट, पत्थरों और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाए। यदि कहीं भी मानकों के अनुरूप काम नहीं पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए तो न केवल सरकारी धन की बचत होगी बल्कि लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जांच होती है या फिर हर साल की तरह इस बार भी निर्माण कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है।

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