क्राइम मीटिंग में अपराधों की समीक्षा, कप्तान ने कसे कोतवाली प्रभारियों के पेंच, मेहनत को दिया सम्मान

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खबर डोज, पौड़ी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार की अध्यक्षता में पुलिस लाइन पौड़ी में माह दिसम्बर (वर्ष–2025) की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में जनपद की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा तथा पुलिसिंग की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।


गोष्ठी के दौरान बीते माह जनपद में घटित अपराधों की गहन समीक्षा करते हुए अपराध प्रवृत्ति, गिरफ्तारी की प्रगति, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशा उन्मूलन अभियान, बीट पुलिसिंग तथा लंबित जमानत एवं गैर-जमानती वारंटों की तामिली जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराधियों पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करना तथा आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


अपराध नियंत्रण के लिए समस्त थाना प्रभारियों को चेकिंग, सघन गश्त एवं सत्यापन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में दिन-रात्रि गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच तथा नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सत्यापन में लापरवाही पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई और अभियानों की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए।


मुख्यालय स्तर से संचालित विशेष अभियानों की समीक्षा करते हुए एसएसपी पौड़ी ने ऑपरेशन स्माइल, इनामी एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित अन्य अभियानों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इन अभियानों को और अधिक समन्वित, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ संचालित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में आगामी सात दिवस का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इस अभियान के अंतर्गत बैंक, ज्वैलरी शॉप, प्रमुख दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। सत्यापन के दौरान कैमरों की कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग व्यवस्था, कवरेज क्षमता एवं बैकअप व्यवस्था की जांच करने तथा जिन प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित नहीं हैं, उनके स्वामियों को जागरूक कर कैमरे लगाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
गंभीर प्रकृति के अपराधों की लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता देते हुए उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित वारंट एवं समन की तामिली में तेजी लाने, वांछित एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई समय पर करने पर जोर दिया गया, ताकि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जन-जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन्हें केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। थाना प्रभारियों को आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा उन्मूलन, यातायात नियमों तथा आपातकालीन सेवाओं से संबंधित जानकारी सरल और व्यावहारिक भाषा में देने को कहा गया।
दिसम्बर माह में जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 पुलिस कार्मिकों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें उपनिरीक्षक विजय शैलानी, महिला उपनिरीक्षक भावना भट्ट, उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल, उपनिरीक्षक दिनेश चमोली, उपनिरीक्षक प्रकाश पोखरियाल, उपनिरीक्षक रियाज अहमद, अपर उपनिरीक्षक मनाली राठी, अपर उपनिरीक्षक सोहन लाल, मुख्य आरक्षी जयप्रकाश, प्रेम सिंह, हेमंत कुमार, संदीप चौहान, अमित नेगी, विपिन कुमार, आरक्षी हृदय भूषण, राजेश स्वामी, लोकेश गिरी, संजीव कुमार, सुरेश शाह एवं दिलदार सिंह शामिल हैं। अन्य सभी अधिकारी व कर्मचारियों को भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चंद्र मोहन सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला, क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल, क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, सीएफओ राजेंद्र खाती, अभियोजन अधिकारी राजीव डोभाल सहित समस्त थाना एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

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