केंद्रीय बजट 2026–27: 10 बड़े ऐलान जो बदल सकते हैं देश की तस्वीर

खबर डोज, नई दिल्ली। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करते हुए विकास, निवेश और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कई बड़े और दूरगामी ऐलान किए। बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार, तकनीक, उद्योग और सामाजिक क्षेत्रों पर विशेष फोकस देखने को मिला। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य तेज आर्थिक विकास के साथ संतुलित वित्तीय प्रबंधन बनाए रखना है।
बजट का सबसे बड़ा ऐलान कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर किया गया। वित्त मंत्री ने पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इससे सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, साथ ही लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
रेल क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने नए रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। इन कॉरिडोरों से यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल परिवहन भी तेज होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर बड़ी परियोजनाओं को गति देने पर जोर दिया है। इससे निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने की बात कही। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक तकनीकी हब के रूप में स्थापित करना है।
उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नवाचार और आधुनिक विनिर्माण पर निवेश बढ़ाने की घोषणा की गई। इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूती मिलेगी।
एमएसएमई सेक्टर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता और क्रेडिट सपोर्ट बढ़ाने का ऐलान किया। इससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सरकार ने स्वास्थ्य रिसर्च और आधुनिक सुविधाओं के विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा और कौशल विकास को भविष्य की जरूरत बताते हुए बजट में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग कार्यक्रमों में निवेश बढ़ाने की घोषणा की गई, ताकि देश का युवा वर्ग बदलती अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो सके।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में संतुलित वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत आधार मिलेगा।
कुल मिलाकर, निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट विकास, निवेश, रोजगार और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित नजर आता है। सरकार को उम्मीद है कि इन 10 बड़े ऐलानों से देश की आर्थिक तस्वीर बदलेगी और भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की ओर आगे बढ़ेगा।

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