एक्स मुस्लिम यात्रा विवाद: कालनेमी कहने पर भड़के, गंगा सभा अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग, संत करेंगे विरोध, बोले संत राम विशाल दास, देखिए वायरल वीडियो

खबर डोज, हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर “एक्स मुस्लिम यात्रा” को लेकर हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में संत राम विशाल दास जी महाराज ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपनी बात खुलकर रखी और कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले में गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और उज्जवल पंडित के इस्तीफे की मांग की है।
प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संत राम विशाल दास ने कहा कि “जब दूसरे मजहब का व्यक्ति घर वापसी कर रहा है, तो उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। इसी भावना से हम हरकी पैड़ी पहुंचे थे।” उन्होंने दावा किया कि यह यात्रा पूरी तरह सफल रही और इसे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुरक्षा भी प्रदान की गई थी। यात्रा बिजनौर से प्रशासनिक अनुमति लेकर हरिद्वार पहुंची थी, जिसकी सूचना पहले ही गंगा सभा को दे दी गई थी।
उन्होंने गंगा सभा के स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी सफाई दी। संत राम विशाल दास के अनुसार, “स्वयंसेवकों ने सभी से जूते उतरवाए और मार्गदर्शन किया, लेकिन किसी को भी टोपी उतारने के लिए नहीं कहा गया।”
विवाद को लेकर उन्होंने बताया कि उन्हें सिद्धार्थ चक्रवाणी और उज्जवल पंडित का फोन आया था। उनके अनुसार, उज्जवल पंडित ने कहा कि “आपने हरकी पैड़ी पर विवाद खड़ा कर दिया है, और हरिद्वार के संत इसका विरोध करेंगे।”
संत राम विशाल दास ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए गंगा सभा के कुछ पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों को पद से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “हरकी पैड़ी अब केवल ठगी का अड्डा बन चुका है।”
अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “मैं संतों से दीक्षा लेकर संत बना हूं, गंगा सभा ने मुझे संत नहीं बनाया है। अगर गंगा सभा मुझे कालनेमी कहती है, तो इसका सभी संत विरोध करेंगे।”
इस बयान के बाद हरकी पैड़ी विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन और धार्मिक संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं, जबकि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

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