होमगार्ड भर्ती में बड़ा खुलासा: 30 अभ्यर्थियों के दस्तावेज मिले फर्जी, जांच जारी

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–227 पदों के लिए आए थे 11 हजार आवेदन, मेरिट के आधार पर 250 अभ्यर्थी हुए थे शॉर्टलिस्ट

–स्काउट, स्पोर्ट्स, एनसीसी और शैक्षिक प्रमाणपत्र जांच के घेरे में, AI से फर्जी दस्तावेज बनाने की आशंका की भी होगी जांच

खबर डोज, हरिद्वार। उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में से 30 के दस्तावेज जांच के दौरान फर्जी पाए गए हैं। इनमें स्काउट और स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट के साथ एनसीसी तथा शैक्षिक प्रमाणपत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत किए गए प्रमाणपत्रों की सत्यता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, होमगार्ड के 227 पदों पर भर्ती के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से मेरिट के आधार पर 250 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इसके बाद चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान कई अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए और जांच में अब तक 30 अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं।

स्काउट और स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट पर सबसे ज्यादा संदेह

दस्तावेजों की जांच में स्काउट और स्पोर्ट्स से जुड़े प्रमाणपत्र सबसे अधिक संदेह के घेरे में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा एनसीसी और शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों में भी गड़बड़ी सामने आई है। भर्ती प्रक्रिया में इन प्रमाणपत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों को मिलने वाले लाभ और उनकी पात्रता की जांच की जा रही है।

AI से बनाए गए या किसी अन्य तरीके से, जांच के बाद होगा खुलासा

मामले में यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी प्रमाणपत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए थे या इन्हें किसी अन्य तरीके से बनाया गया। हालांकि, दस्तावेजों को तैयार करने के तरीके और इनके पीछे शामिल लोगों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसकी जानकारी विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी।

कमांडेंट ने की पुष्टि, जांच अभी जारी

होमगार्ड कमांडेंट गौतम कुमार ने दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद फर्जी प्रमाणपत्रों की वास्तविक संख्या और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का मामला सामने आने के बाद अब जांच पूरी होने और संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फर्जी प्रमाणपत्र किस तरह तैयार किए गए और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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