गुड वर्क: हरिद्वार पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के एक्शन में 48 बार अपराधियों को मिला रिएक्शन, तरसेम सिंह हत्याकांड के आरोपी को भी किया था ढेर

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार पुलिस का पिछले तीन सालों से इकबाल बुलंद चला आ रहा है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा 48 बार पुलिस और बदमाश आमने सामने आए, जिनमें हर बार बदमाश चित होकर पुलिस के शिकंजे में आए। वहीं श्री नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या करने वाले कुख्यात बदमाश अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया।

जानकारी के मुताबिक ज्वालापुर में बालाजी ज्वैलर्स के यहां डकैती डालने वाला आरोपी बदमाश भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यही नहीं लूट, डकैती और चोरी की वारदातों के खुलासों को लेकर हरिद्वार पुलिस का रिकार्ड अव्वल रहा। पुलिस ने अधिकतर मामलों का खुलासा कर बदमाशों को गिरफ्तार किया। वहीं महिला और बाल अपराधों को लेकर भी एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल संवेदनशील रहे। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई से खासोआम में विश्वास पैदा हुआ।
2023 में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल हरिद्वार के एसएसपी बने, तब एनकांउटर को लेकर उत्तरखण्ड पुलिस के अधिकारी चुप्पी साध लेते थे। लेकिन बदमाशों से सीधे आमने सामने आकर ललकारने का काम कई सालों बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल की अगुवाई में हुआ। बदमाशों को घेर घोट कर ना सीधे ललकारा गया बल्कि एनकांउटर के बाद सफलता के साथ बदमाशों को गिरफ्तार भी किया गया।
नानकमत्ता में बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड ने जब पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया तब हरिद्वार पुलिस ने एसटीएफ की मदद से अमरजीत सिंह घेर लिया और कुख्यात अमरजीत सिंह ने सरेंडर करने से मना कर दिया, जिसके बाद आमने सामने की लड़ाई में नामी बदमाश अमरजीत सिंह ढेर हो गया। उत्तराखण्ड में कई सालों बाद ये एनकाउंटर हुआ था, जिसकी पहल एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने की थी।
इसके बाद माना हरिद्वार पुलिस का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। बदमाशों को सीधे ललकारने का सिलसिला शुरु हुआ। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा 48 एनकाउंटर हुए जिसमें सौ से अधिक बदमाशों को पकड़ा गया। यही नहीं दो कुख्यात बदमाश भी मारे गए।
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि लूट, डकैती जैसी जघन्य वारदातों में पुलिस का रिकार्ड अच्छा रहा है। पुलिस ने अधिकतर वारदातों का खुलासा करते हुए लूटी गई रकम और गहने बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की वारदातों पर भी पुलिस ने लगाम लगााया है। पुलिस की रात्रि गश्त की मुस्तैदी से चोरी की वारदातें कम हुई और जो हुई भी तो उनका तुरंत खुलासा किया गया।
इसके अलावा महिला लैंगिक अपराधों और बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए सराहनीय काम किया है। पीड़ित महिलाओं को पुलिस ने तुरंत इंसाफ दिलाने का काम किया है।
हरिद्वार मिश्रित आबादी होने के कारण लॉ एंड आर्डर के कारण भी काफी संवेदनशील रहता है। लेकिन एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल पहले हरिद्वार के एसएसपी देहात रहे हैं। लिहाजा हरिद्वार की आबोहवा से वाकिफ कप्तान डोबाल को शांति व्यवस्था बनाने में कामयाबी हालिस हुई। छोटे बड़े विवादों को हरिद्वार पुलिस ने संवेदनीशलता से लिया और सभी वर्गों का विश्वास जीतने का काम किया। यही कारण है कि एसएसपी डोबाल की हरिद्वार में सब तारीफ करते हैं।

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