गजब: एंट्री है तो ओवरलोड नहीं, एंट्री नहीं तो ओवरलोड, जिम्मेदार विभाग सवालों के घेरे में, जीरो टॉलरेंस की उड़ रहीं धज्जियां

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खबर डोज, कोटद्वार। जनपद पौड़ी गढ़वाल में इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला मामला सुर्खियों में है। आरोप है कि यातायात व्यवस्था और नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाला विभाग ही कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर “एंट्री सिस्टम” के जरिए मनमानी कर रहा है। हालात यह हैं कि जिसकी एंट्री है, वह ओवरलोड होकर भी सुरक्षित, और जिसकी एंट्री नहीं, वह नियमों का पालन करने के बावजूद दोषी ठहराया जा रहा है।


सूत्रों के मुताबिक कोटद्वार क्षेत्र में बड़े वाहनों से पूरे महीने की एंट्री ली जाती है। आरोप यह भी है कि कुछ विभागीय अधिकारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने प्राइवेट कर्मचारियों को इस काम में लगा रखा है, जो वाहन स्वामियों और चालकों से एंट्री के नाम पर वसूली करते हैं। इससे न केवल सरकारी नियमों की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति भी कागजों तक सिमटती नजर आ रही है।


स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि इस कथित व्यवस्था के चलते ईमानदार चालक परेशान हो रहे हैं, जबकि नियम तोड़ने वालों को संरक्षण मिल रहा है। इससे सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार उच्चाधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे या फिर यह कथित “एंट्री खेल” यूं ही चलता रहेगा। जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं, कि कब इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा।

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