पौड़ी में प्रधानाचार्य के उत्पीड़न पर खंड शिक्षा अधिकारी के स्थानांतरण के आदेश, शराब पीकर अभद्र व्यवहार करने वाले कार्मिक पर गिरी गाज

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महिला आयोग की जनसुनवाई में 18 मामलों पर हुई कार्रवाई, अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण और स्थानांतरण के दिए निर्देश

खबर डोज, कोटद्वार। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे “महिला आयोग आपके द्वार” अभियान के तहत मंगलवार को विकास भवन सभागार पौड़ी में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने की, जिसमें महिला उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई कर कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान कुल 18 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 13 मामले पहले से आयोग में लंबित थे। इनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में वादी और प्रतिवादी को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। कुछ मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में कुछ मामलों की सुनवाई प्रत्यक्ष रूप से और कुछ मामलों की सुनवाई दूरभाष के माध्यम से की गई।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई ही नहीं करता, बल्कि मामलों की नियमित समीक्षा भी करता है ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। इसके लिए अधिकारियों को महिलाओं को योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

कुसुम कंडवाल ने सभी सरकारी कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) का गठन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश एक्ट के तहत समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को इसके प्रति जागरूक किया जा सके और कार्यस्थलों का वातावरण सुरक्षित बनाया जा सके।

जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में एक महिला प्रधानाचार्य द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन रोकने के आरोप लगाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग की अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जांच समिति गठित करने और संबंधित अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए।

इसके अलावा यमकेश्वर क्षेत्र से संबंधित एक शिकायत में फोटो वायरल किए जाने और पुलिस की शिथिलता को लेकर भी आयोग ने नाराजगी जताई। इस मामले में अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा अपने सहकर्मी पर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने और सोशल मीडिया पर अनुचित टिप्पणी करने की शिकायत भी सामने आई। इस मामले में आयोग की अध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आरोपी कार्मिक से स्पष्टीकरण लेने और उसका स्थानांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान 53 वर्षीय पीड़िता मंजू देवी के ई-श्रम कार्ड से संबंधित समस्या का भी मौके पर ही समाधान कराया गया। आयोग की अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल ई-श्रम कार्ड जारी करने के निर्देश दिए, जिसके बाद पीड़िता को राहत मिली।

कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक कुल 540 मामलों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 460 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, मनोसामाजिक परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का स्वागत करते हुए जनसुनवाई में प्राप्त मामलों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शिवचरण नौटियाल, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार बोरा, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, एसडीओ विद्युत गोविंद सिंह बिष्ट, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, महिला आयोग के अधिवक्ता दया राम, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष सुषमा रावत, जिला उपाध्यक्ष जयवीर रावत सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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