जिला आबकारी अधिकारी की गुमशुदगी दर्ज, दो अन्य के नाम भी गुमशुदगी में शामिल, डीएम के निरीक्षण में नदारद पाए गए थे अधिकारी

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चमोली। चमोली जिले के आबकारी अधिकारी सहित विभाग के दो कर्मचारियों के कार्यालय से नदारद रहने पर गोपेश्वर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गयी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तीनों 31 मार्च से कार्यालय से नदारद हैं। थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया के मुताबिक गुरुवार को राजस्व निरीक्षक चन्द्र सिंह बुटोला की रिपोर्ट पर थाना गोपेश्वर पर तहरीर दी कि चमोली के जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश कुमार त्रिपाठी निवासी राजकीय आवास कुंड कॉलोनी उम्र करीब 55 वर्ष 31 मार्च से लगातार संपर्क से बाहर हैं और अपने कार्यालय से भी नदारद हैं। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश कुमार त्रिपाठी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो गयी है। थानाध्यक्ष ने बताया राजस्व निरीक्षक ने थाने दर्ज रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि आबकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी सहायक लेखाकार धीरज भट्ट उम्र लगभग 26 वर्ष और कनिष्ठ सहायक मनीष रावत उम्र लगभग 28 वर्ष को 1 अप्रैल से अपने कार्यालय से नदारद हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला आबकारी अधिकारी और दोनों कर्मचारियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बीते मंगलवार को किया था जिला आबकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मंगलवार को जिला आबकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी के साथ ही दो अन्य कर्मचारी कार्यालय से नदारद मिले। जिस पर जिलाधिकारी ने आबकारी अधिकारी के साथ ही अन्य कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने और आबकारी अधिकारी के सर्विस ब्रेक करने और अन्य कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी के मुताबिक चमोली में नये वित्तीय वर्ष में अंग्रेजी शराब की दुकानों का व्यवस्थापन किया जाना था। जिसके लिए मंगलवार को आबकारी अधिकारी को बुलाया गया था। लेकिन आदेशों के बावजूद आबकारी अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए। जिस पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के साथ जिला आबकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां कार्यालय से जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेेश्वर कुमार त्रिपाठी गायब मिले। वहीं सहायक लेखाकार धीरज भट्ट और कनिष्ठ सहायक मनीष रावत भी कार्यालय से नदारद पाए गए। कार्यालय पीआरडी कर्मचारी के भरोसे छोड़ा गया था। जिस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए आबकारी अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकते हुए सर्विस ब्रेक दे दिया है। साथ ही सहायक लेखाकार और कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन रोकते हुए वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी है।

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