कोटद्वार में उपनिरीक्षक कमलेश शर्मा की कार्रवाई पर कोर्ट ने सुनाई आरोपी को एक वर्ष की सजा, धार्मिक यात्रा में तमंचा लेकर चल रहा था व्यक्ति

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खबर डोज, कोटद्वार। धार्मिक यात्रा के दौरान भीड़ में अवैध तमंचा लेकर चल रहे एक व्यक्ति को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए एक साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

कोटद्वार के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने आरोपी संदीप रावत निवासी ग्राम नंदपुर, पोस्ट पदमपुर, थाना कोटद्वार को अवैध तमंचा रखने के मामले में दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

सहायक अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि वर्ष 2019 में कोटद्वार कोतवाली में तैनात एसआई कमलेश शर्मा गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान झंडा चौक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की ड्यूटी पर थे। उस समय उनके साथ चीता वाहन में तैनात सिपाही गजेंद्र कुमार और सोनू कुमार भी मौजूद थे।

पुलिस टीम जब जुलूस के साथ बद्रीनाथ मार्ग स्थित मुख्य डाकघर के पास पहुंची तो एक मुखबिर ने सूचना दी कि जुलूस में शामिल एक व्यक्ति के पास तमंचा है। सूचना पर पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर जुलूस के आगे पहुंची, जहां मुखबिर ने नीली जींस और ग्रे टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि उसी के पास तमंचा है।

पुलिस को देखकर वह व्यक्ति मौके से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे मॉडल मोंटेसरी स्कूल के गेट के पास पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का अवैध तमंचा बरामद हुआ। तमंचे में मौजूद कारतूस को तत्काल बैरल से अलग कर दिया गया।

जब आरोपी से तमंचे का लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर बरामद तमंचे और कारतूस को सील कर लिया तथा कोतवाली लाकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी संदीप रावत को दोषी पाते हुए एक साल के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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