हाईकोर्ट ने एसडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी को निलंबित और कोतवाली के पूरे स्टाफ को तबादला करने के दिए आदेश

खबर डोज, देहरादून। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गए वन विभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासनगर कोतवाली के पूरे स्टाफ के तबादले का आदेश दिया है। साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश थपलियाल की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए उत्तराखंड के डीजीपी और देहरादून के एसएसपी को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा विकासनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से पूरे प्रकरण पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि खनन कारोबारी मनीष चौहान की शिकायत के आधार पर वन विभाग के अधिकारी के खिलाफ रात 12:15 बजे ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आखिर यहां हो क्या रहा है? जब सरकारी अधिकारी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा और समर्थन करना चाहिए, न कि उनके खिलाफ इतनी जल्दबाजी में मामला दर्ज किया जाए।
सुनवाई के दौरान अदालत को एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें कथित तौर पर खनन माफिया से जुड़े लोग वन अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कोर्ट ने मामले को और गंभीर मानते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक वन विभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की गई है। कोर्ट ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम और अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
इस मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अवैध खनन और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर एक बार फिर प्रदेश में बहस तेज हो गई है।

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