तेजतर्रार कप्तान के मिशन पर पानी फेर रहे थाना प्रभारी, कहीं अवैध शराब का कारोबार तो कहीं ‘वीआईपी थानाध्यक्ष’ का जलवा

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खबर डोज, हरिद्वार। जनपद में हाल ही में तैनात हुए तेजतर्रार पुलिस कप्तान ने चार्ज संभालते ही कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कप्तान ने सभी कोतवाली प्रभारियों और थानाध्यक्षों को स्पष्ट आदेश दिए थे कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को दुरुस्त रखें और अवैध शराब व सट्टे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। लेकिन जमीनी हकीकत इन आदेशों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

सूत्रों और स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ थाना क्षेत्रों में अभी भी अवैध गतिविधियां धड़ल्ले से जारी हैं। आरोप है कि कई थानों में बैठे अधिकारी आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय वीआईपी लोगों की खातिरदारी में ज्यादा व्यस्त दिखाई देते हैं। इससे न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि कप्तान के सख्त निर्देशों की भी अनदेखी होती नजर आ रही है।

जनपद के कनखल थाना क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनखल क्षेत्र के बाड़े, कुम्हार घड़ा, जगजीतपुर, बैरागी कैंप और लाटो वाली जैसे इलाकों में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। इन स्थानों पर रोजाना शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी रहती है। हैरानी की बात यह है कि यह कारोबार काफी समय से चल रहा है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस अवैध कारोबार की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की, लेकिन उसके बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस चाह ले तो ऐसे अवैध धंधों पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं।

वहीं दूसरी ओर जिले के एक चर्चित थानाध्यक्ष को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि उक्त ‘वीआईपी थानाध्यक्ष’ अपने थाने में फरियादियों की समस्याएं सुनने के बजाय वीआईपी लोगों से मुलाकात में ज्यादा व्यस्त रहते हैं। बताया जा रहा है कि थाने में आम शिकायतकर्ता घंटों बाहर इंतजार करते रहते हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों को सीधे अंदर बुलाकर उनसे मुलाकात की जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस थाने आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनाए गए हैं, लेकिन यदि फरियादियों को ही दरकिनार किया जाएगा तो पुलिस व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा।

जनपद में नए पुलिस कप्तान की तैनाती के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अवैध गतिविधियों पर सख्ती से लगाम लगेगी और पुलिस की कार्यशैली में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि जमीनी स्तर पर कुछ स्थानों पर हालात अब भी पहले जैसे ही बने हुए हैं।

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि पुलिस कप्तान इन शिकायतों और आरोपों को किस तरह लेते हैं और संबंधित थाना क्षेत्रों में क्या कार्रवाई करते हैं। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर विभाग में फेरबदल कर ‘तबादला एक्सप्रेस’ चलाने की नौबत आएगी।

फिलहाल यह मुद्दा जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस प्रशासन इस पर जल्द ही सख्त कदम उठाएगा, ताकि कानून व्यवस्था मजबूत हो सके और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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