हरकी पैड़ी पर अन्न की बर्बादी बना गंभीर मुद्दा, कूड़ेदानों में फेंका जा रहा भोजन, वीडियो वायरल

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खबर डोज, हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल हरिद्वार की हरकी पैड़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। आस्था और श्रद्धा के इस पावन स्थल पर गंगा में अन्न कूड़ेदानों में बड़ी मात्रा में फेंके जाने के मामले सामने आ रहे हैं, जो सामाजिक और नैतिक दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।

प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु हरकी पैड़ी पहुंचते हैं। पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के बाद बड़ी मात्रा में भोजन बच जाता है, जिसे श्रद्धालु कूड़ेदानों में डालकर चले जाते हैं। खाने योग्य अन्न का इस प्रकार नष्ट होना न केवल अन्न के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि यह समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से गंगा को स्वच्छ रखने के लिए कूड़ेदानों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, लेकिन अन्न की बर्बादी को रोकने के लिए अब भी ठोस व्यवस्था का अभाव है। कई सामाजिक संगठनों ने सुझाव दिया है कि बचे हुए प्रसाद और भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अलग से संग्रहण और वितरण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि अन्न को देवता का स्वरूप माना जाता है और उसका अपमान किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। आस्था के नाम पर भोजन का इस तरह फेंका जाना धार्मिक मूल्यों के भी विपरीत है।
प्रशासनिक स्तर पर इस विषय पर जागरूकता अभियान चलाने और श्रद्धालुओं को अन्न की महत्ता समझाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आस्था के इस पावन स्थल पर अन्न की बर्बादी एक बड़ी सामाजिक समस्या का रूप ले सकती है।
अब जरूरत है कि श्रद्धालु, समाजसेवी संगठन और प्रशासन मिलकर ऐसी व्यवस्था करें, जिससे हरकी पैड़ी पर अन्न का सम्मान बना रहे और भोजन की बर्बादी रोकी जा सके।

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