कारनामे पर कारनामा: डॉक्टरों और कर्मचारियों की सैलरी के बाद अब महिला अस्पताल NPPL के ड्रेस खरीद का चेक बाउंस, ज्वालापुर के व्यापारी ने भेजा नोटिस

–कर्मचारियों की ड्रेस खरीदने के बाद भुगतान में अड़चन, व्यापारी लगा रहा चक्कर; प्रबंधन बोला—जल्द करेंगे भुगतान
खबर डोज, हरिद्वार। निजी सार्वजनिक भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत संचालित महिला अस्पताल NPPL एक बार फिर चर्चा में है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की सैलरी के बाद इस बार मामला अस्पताल के कर्मचारियों के लिए खरीदी गई ड्रेस के भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि ज्वालापुर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी से करीब 8 लाख रुपये की ड्रेस खरीदने के बाद भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद व्यापारी ने अस्पताल प्रबंधन को कानूनी कार्रवाई संबंधी नोटिस भेजा है।
जानकारी के अनुसार, मई 2026 में महिला अस्पताल NPPL के कर्मचारियों के लिए ज्वालापुर के एक व्यापारी से लगभग 8 लाख रुपये की ड्रेस खरीदी गई थी। भुगतान के लिए व्यापारी को 8 लाख रुपये के चेक दिए गए। व्यापारी ने निर्धारित समय के भीतर जब चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद व्यापारी ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क कर भुगतान की मांग की, लेकिन बार-बार संपर्क करने के बावजूद संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया। आखिरकार व्यापारी की ओर से प्रबंधन को कानूनी नोटिस भेजा गया।
वेतन और कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर भी उठते रहे हैं सवाल
महिला अस्पताल NPPL में इससे पहले भी डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। बताया जाता है कि वेतन में देरी के चलते डॉक्टर कई बार हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभालती रही है। वहीं, कर्मचारियों के वेतन और पीएफ सहित अन्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रबंधन ने स्वीकार किया चेक बाउंस होने का मामला
इस मामले में महिला अस्पताल NPPL के डायरेक्टर मनोज मिश्रा ने बताया कि कर्मचारियों की ड्रेस खरीदने के लिए ज्वालापुर के कारोबारी से संपर्क किया गया था और उन्हें 8 लाख रुपये के चेक दिए गए थे। कुछ गलतफहमी के कारण चेक बाउंस हो गए। उन्हें व्यापारी की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है और मामले को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही व्यापारी का भुगतान कर दिया जाएगा।
डायरेक्टर के अनुसार, सरकार से बिलों का भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक दिक्कतें आ रही हैं। सरकार से राशि प्राप्त होने के बाद भुगतान संबंधी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
व्यापारी नेता ने जताई नाराजगी
व्यापारी नेता सुनील अरोड़ा ने कहा कि 8 लाख रुपये की ड्रेस खरीदने के बाद भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि करीब 30 वर्षों के लिए PPP मॉडल पर संचालित महिला अस्पताल जैसी बड़ी संस्था में इस तरह की स्थिति सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मामले में उचित कार्रवाई करने और स्वास्थ्य विभाग से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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