हरिद्वार में सात फार्मा इकाइयों पर राज्य कर विभाग की SIB का शिकंजा, 3.08 करोड़ रुपये जमा कराए

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–अपात्र ITC दावों की जांच में बड़ी कार्रवाई, मोटर वाहन खरीद से लेकर सिविल निर्माण और निःशुल्क मेडिकल सैंपल तक की पड़ताल

खबर डोज, हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने हरिद्वार की फार्मास्यूटिकल इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात इकाइयों की जांच में 3 करोड़ 7 लाख 86 हजार 349 रुपये जमा कराए हैं। यह कार्रवाई इन इकाइयों की ओर से किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों और संदिग्ध कर संबंधी मामलों की जांच के तहत की गई।

विभाग की जांच में मोटर वाहन खरीद, सिविल निर्माण कार्यों तथा मेडिकल टैबलेट के निःशुल्क सैंपल से संबंधित ITC दावों को प्रमुखता से परखा गया। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि संबंधित इकाइयों ने कर नियमों के अनुरूप ITC का दावा किया है या नहीं। संदिग्ध और अपात्र दावों की पड़ताल के आधार पर विभाग ने संबंधित इकाइयों से कर राशि जमा कराई।

तीन प्रमुख बिंदुओं पर हुई जांच

राज्य कर विभाग की SIB ने फार्मास्यूटिकल इकाइयों के कारोबारी लेन-देन और ITC दावों की जांच के दौरान मोटर वाहनों की खरीद, सिविल निर्माण कार्यों पर किए गए खर्च तथा मेडिकल टैबलेट के निःशुल्क वितरण के लिए दिए गए सैंपल से जुड़े मामलों की पड़ताल की।

इन मामलों में यह जांच की गई कि संबंधित खर्चों और गतिविधियों पर लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावे नियमानुसार पात्र हैं या नहीं। कर नियमों के तहत अपात्र पाए जाने वाले दावों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की गई।

आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर कार्रवाई

राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर SIB हरिद्वार की ओर से यह कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर अपात्र ITC दावों और संदिग्ध कर मामलों की जांच को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सात फार्मास्यूटिकल इकाइयों की जांच में 3,07,86,349 रुपये जमा कराया जाना विभाग की कार्रवाई का प्रमुख परिणाम है। इस अभियान के जरिए कर नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और अपात्र कर लाभ लेने के मामलों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई से फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में कर संबंधी दावों की जांच और कारोबारी लेन-देन में नियमों के पालन का महत्व एक बार फिर सामने आया है। विभाग की ओर से संदिग्ध कर दावों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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