हरिद्वार: सीबीआई ने पेपर लीक मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार

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खबर डोज, हरिद्वार। उत्तराखंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच में पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को टिहरी गढ़वाल जिले के शहीद हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल) की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी अब तक की जांच में सामने आए महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी सबूतों के आधार पर की गई है।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने आरोपी प्राइवेट व्यक्ति मोहम्मद खालिद और उसकी बहन सबीहा की मदद की थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा से पहले सबीहा को प्रश्न पत्र का कुछ हिस्सा प्राप्त हुआ था, जिसे हल करने में सुमन ने सहायता की। हल किए गए प्रश्न आगे खालिद तक पहुंचाए गए, जिसने परीक्षा के दौरान इनका उपयोग किया।

इससे पहले सीबीआई ने खालिद और सबीहा दोनों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। दोनों के मोबाइल फोन, डेटा रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच में असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद सीबीआई टीम ने 28 नवंबर 2025 को सुमन को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे जल्द ही संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पेपर लीक मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे तथा गिरफ्तारियां संभव हैं।

उत्तराखंड सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को पहले ही सीबीआई के हवाले कर दिया था। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और पेपर लीक के स्रोत तक पहुंचने पर काम कर रही है।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला राज्य की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

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