कातिल मांझे की चपेट में आकर कटी दारोगा की ठोड़ी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर के होंठ-नाक पर गहरा घाव

चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी बिक्री और इस्तेमाल जारी है, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। हाल ही में, एक दारोगा की ठोड़ी कटी और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के होंठ व नाक पर गहरा घाव हुआ। पुलिस के अभियान और अपीलों के बावजूद, मांझे का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है, जिससे इसकी रोकथाम के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। अधिकारी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं।
शहर में चाइनीज मांझे पर रोक के पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयास और दावे हवाई साबित हो रहे हैं। न इसकी बिक्री पर रोक लग रही है, न इसके प्रयोग पर शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे में आए दिन लोग सड़कों पर चाइनीज मांझे से घायल हो रहे हैं। वसंत पंचमी से पहले शहर में पुलिस ने अभियान चलाकर चाइनीज मांझे को बरामद करने का प्रयास किया।
लिसाड़ी गेट थाना पुलिस को छोड़कर किसी भी थाने की पुलिस चाइनीज मांझा नहीं पकड़ सकी। व्यापारियों व आमजन से पतंग उड़ाने में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करने की अपील भी की गई। बावजूद इसके चाइनीज मांझे का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। पतंग कटने के बाद हवा में लहरा रहा चाइनीज मांझा आमजन की जान जोखिम में डाल रहा है। शनिवार को अलग-अलग दो जगह पर हादसे हुए। हापुड़ रोड पर हवा में लहरा रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार दारोगा की ठोड़ी और कचहरी नाला रोड पर साफ्टवेयर इंजीनियर के होंठ और नाक पर गहरा घाव बन गया।
लोहियानगर थाना क्षेत्र की जाकिर कालोनी पुलिस चौकी पर दारोगा रिषभ गुप्ता तैनात हैं। शनिवार सुबह वह अपनी बाइक से थाने में मीटिंग के लिए जा रहे थे। जब वह हापुड़ रोड स्थित संतोष हास्पिटल के सामने पहुंचे तो अचानक चाइनीज मांझा सामने आ गया। जब तक वह बाइक रोक पाते चाइनीज मांझे से दारोगा की ठोड़ी कट गई। जिससे वह लहूलुहान हो गए।
दारोगा ने घटना की जानकारी साथी दारोगा को दी तो उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल दारोगा को संतोष हास्पिटल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सक ने उन्हें 18 टांके लगाए। दारोगा का कहना है कि उन्होंने हेलमेट लगा रखा था, बावजूद इसके उनकी ठोड़ी कट गई।
दूसरी घटना कचहरी नाला रोड पर हुई। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव जिटौली निवासी सूर्यांश ने बताया कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शनिवार दोपहर में वह बाइक से अपनी पत्नी को चकित्सक के क्लीनिक पर दिखाने जा रहे थे। उन्होंने हेलमेट भी लगा रखा था, लेकिन उसका शीशा ऊपर उठा था। जब वह क्लीनिक के पास पहुंचे तो अचानक उनके हेलमेट में चाइनीज मांझा उलझ गया। जब तक उन्होंने अपनी बाइक रोकी तो मांझे से उनका हेलमेट कट गया और नाक और ऊपर के होंठ में गहरा घाव बन गया।
सूर्यांश ने बताया कि चाइनीज मांझे की धार इतनी तेज थी कि हेलमेंट को काटकर वह करीब दो इंच अंदर चला गया। अगर हेलमेट नहीं लगाया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पत्नी को दवा दिलाने के बाद सूर्यांश वापस घर चले गए और कंकरखेड़ा में अपना उपचार कराया।
एसपी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक चाइनीज मांझे की रोकथाम को प्रतिदिन अभियान चलाया जा रहा है। लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने दो दिन पहले एक किराना व्यापारी को 13 चरखी के साथ गिरफ्तार किया था। यह मांझा बेचने और प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 खबरडोज के व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ें







