गणतंत्र दिवस समारोह में अनुशासन पर सवाल, उत्तराखंड के दो नए IPS अधिकारियों पर गिरी गाज, अभी से है यह हाल तो भविष्य में जिलों के चार्ज में कैसे दिखाएंगे कमाल

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खबर डोज, देहरादून। देशभर में गणतंत्र दिवस की धूम और तिरंगे के सम्मान के बीच उत्तराखंड पुलिस से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। 26 जनवरी की परेड के दौरान प्रोटोकॉल के पालन में कथित लापरवाही को लेकर प्रदेश के दो आईपीएस अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि इन दोनों IPS अधिकारियों के अभी से यही हाल हैं तो भविष्य में मिलने वाले जिलों के चार्ज को कैसे संभालेंगे। फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार दो नए IPS अधिकारियों पर गणतंत्र दिवस परेड से जुड़े दिशा-निर्देशों की अनदेखी के आरोप हैं। पुलिस नियमों के अनुसार राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित परेड में सभी राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारियों के लिए सेरेमोनियल यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होता है।
बताया जा रहा है कि एक आईपीएस निर्धारित सेरेमोनियल वर्दी के बजाय सामान्य ड्यूटी यूनिफॉर्म में परेड स्थल पर पहुंचे, जिसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है। वहीं, दूसरे आईपीएस कार्यक्रम में उपस्थित ही नहीं हुए, जिससे अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया गया है। डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों से जुड़े कार्यक्रमों में नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर चर्चाएं हुई थीं। ऐसे में यह मामला एक बार फिर पुलिस विभाग में अनुशासन, जिम्मेदारी और परंपराओं के पालन को लेकर बहस को तेज कर रहा है।
अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर यह तय होगा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी या नहीं। फिलहाल, यह प्रकरण पुलिस महकमे में हलचल और प्रशासनिक सख्ती का संकेत जरूर दे रहा है।

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