शर्म करो: गलती मानने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस में माननीय ने उल्टा लगा दिए एंबुलेंस चालक पर आरोप, यह हुई थी वायरल वीडियो

–एंबुलेंस चालक से चल रही पुरानी नाराजगी का लिया बदला, किशोरी के शव को देखकर भी जिद पर अड़ा रहा था अस्पताल प्रबंधन
हरिद्वार। बीते गुरुवार की रात कनखल के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में हुए एंबुलेंस कांड के बाद भी अस्पताल के माननीय को कोई पछतावा नहीं है। गलती मानने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस में माननीय ने उल्टा एंबुलेंस चालक को पिछली गलतियों का हवाला देते हुए गलत ठहरा दिया, जिससे माननीय की मरीजों के प्रति मानवीय संवेदनाएं साफतौर पर झलक रही है।
गुरुवार को रामकृष्ण मिशन अस्पताल के सचिव दयामुर्तियानंद ने पत्रकारों से मुखातिब हुए अपना पक्ष रखा, लेकिन किसी भी सवाल का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। उनके मुताबिक रामकृष्ण मिशन अस्पताल में बुधवार की रात हुई घटना सुनियोजित साजिश के तहत की गई है। कहा कि मरीजों की सेवा करना रामकृष्ण मिशन अस्पताल का प्रमुख कर्त्तव्य है। कुछ लोग मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि एंबुलेंस को रोकने के लिए अस्पताल के गेट पर महिला और पुरुष गार्ड खड़े रहे। ताकि एंबुलेंस अस्पताल परिसर में प्रवेश न कर सके। जिससे अस्पताल की किशोरी के प्रति संवेदनशीलता साफतौर पर झलक रही है।
दरअसल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से बुधवार देर रात किए गए कृत्य से यह साफ हो गया है कि प्रबंधन मरीजों के प्रति कितना गंभीर है। सवाल यह उठता है कि क्या एंबुलेंस चालक की गलती इतनी बड़ी थी कि मृत किशोरी के शव को परिजन अपने हाथ में उठाकर अस्पताल के गेट के बाहर तक आ गए, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इन सबके बाद भी नहीं सहमा।
हालांकि इस पूरे प्रकरण में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जांच बैठा दी थी, इसके अलावा रामकृष्ण मिशन अस्पताल ने एक पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा है।

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