हरिद्वार के होटल शांति हेरिटेज में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, एक्सपायरी दूध-ब्रेड से तैयार हो रहा था खाना!

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–भूपतवाला के होटल के किचन में मिली एक्सपायरी खाद्य सामग्री, बिना जरूरी लेबल वाले 120 किलो आटे को किया सीज; होटल प्रबंधन से एक सप्ताह में मांगे दस्तावेज

खबर डोज, हरिद्वार। नवरात्र पर्व और चारधाम यात्रा के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सप्तऋषि चुंगी के पास स्थित होटल शांति हेरिटेज के किचन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान भोजन तैयार करने में एक्सपायरी तिथि के बाद के दूध और ब्रेड का इस्तेमाल किया जाना पाया गया। वहीं, आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियों के बिना रखे गए करीब 120 किलोग्राम आटे को विभाग ने सीज कर दिया। कार्रवाई के बाद होटल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

एक्सपायरी दूध और ब्रेड से तैयार हो रहा था भोजन

खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी के नेतृत्व में 16 अक्टूबर को यह अभियान चलाया गया। अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने होटल शांति हेरिटेज का औचक निरीक्षण किया। होटल का संचालन परफेक्ट स्टेज होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान होटल के किचन में मानव उपभोग के लिए भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले दूध और ब्रेड की एक्सपायरी तिथि निकल चुकी थी। विभाग के अनुसार, ऐसे लगभग 20 पैकेट दूध और ब्रेड को मौके पर ही नष्ट कराया गया, ताकि उनका इस्तेमाल भोजन तैयार करने में न हो सके।

120 किलो आटे के पैकेटों पर नहीं मिली जरूरी जानकारी

निरीक्षण के दौरान किचन में 10-10 किलोग्राम आटे के 12 सीलबंद कट्टे भी मिले। इनका कुल वजन करीब 120 किलोग्राम था। विभाग के मुताबिक, कट्टों पर पैकिंग तिथि, एक्सपायरी तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), बैच नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आटे का विधिक नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया अपनाई। इसके बाद शेष आटे के कट्टों को मौके पर ही सीज कर होटल प्रबंधन की अभिरक्षा में रखवा दिया गया। अब प्रयोगशाला जांच और विभागीय कार्रवाई के आगे के चरणों पर नजर रहेगी।

होटल प्रबंधन दस्तावेज भी नहीं दिखा सका

निरीक्षण के दौरान होटल प्रबंधन पेयजल जांच रिपोर्ट, भोज्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल के अभिलेख, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और खाद्य सामग्री की खरीद के बिल सहित कई जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके अलावा कंपनी का एमओयू, रेजोल्यूशन, फॉर्म-9 और होटल की लीज डीड जैसे अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। विभाग ने होटल प्रबंधन को सभी संबंधित दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शेफ और डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित

खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक्सपायरी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल और आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियों के अभाव वाले आटे के मामले में होटल के शेफ तथा नॉमिनी/डायरेक्टर के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई प्रस्तावित की है। विभागीय विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित प्रावधानों के तहत अधिकतम तीन लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल यह है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भोजन उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और जरूरी दस्तावेजों की नियमित जांच कितनी प्रभावी ढंग से हो रही है। त्योहारों और यात्रा सीजन में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निगरानी और सख्त अनुपालन बेहद जरूरी है।

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