शर्मनाक: डीएम साहब हरिद्वार में गंगा प्रदूषण विभाग है या नहीं? गंगा में मिल रहा सीवर का पानी, गंगा सफाई अभियान में खुली दावों की पोल, वीडियो हुई वायरल

रिपोर्टर कालू वर्मा, खबर डोज, हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में मां गंगा की स्वच्छता को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। एक ओर आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के तहत घाटों और गंगा तटों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गंगा में खुलेआम सीवर का पानी मिलने के दृश्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा प्रदूषण रोकने के लिए अलग विभाग होने के बावजूद कई स्थानों पर नालों और सीवर का पानी सीधे गंगा में गिरता दिखाई देता है। सफाई अभियान के दौरान ऐसे कई बिंदु सामने आए हैं, जहां गंदा पानी लगातार गंगा में मिल रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर गंगा प्रदूषण विभाग इन स्थानों की निगरानी कर रहा है या नहीं।
हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में गंगा में सीवर का पानी मिलना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उपचारित सीवर का पानी गंगा की जल गुणवत्ता को प्रभावित करता है और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा में गिर रहे सभी सीवर आउटफॉल की तत्काल पहचान कर उन्हें बंद कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब निगाहें जिला प्रशासन और गंगा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों पर हैं कि वे इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई करते हैं। कुंभ मेले से पहले गंगा की निर्मलता और अविरलता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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