आखिर कौन कर रहा था खालिद की मदद, एक दिन पहले छिपाया आईफोन, दो बार की परीक्षा केंद्र की रैकी

हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस ने स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. खालिद को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, खालिद ने पहले सनराइज यूनिवर्सिटी, राजस्थान से 2013 में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और 2015 में हापुड़ (यूपी) से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार असफल रहने के बाद उसने नकल की साजिश रची।
जानकारी के मुताबिक खालिद ने परीक्षा के लिए चार आवेदन किए थे। जिसमें दो टिहरी और दो हरिद्वार से किए थे। उसे आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट और धनपुरा समेत चार केंद्र आवंटित हुए। 20 सितम्बर को उसने बहादुरपुर केंद्र की दीवार फांदकर निर्माणाधीन भवन में iPhone 12 Mini छिपा दिया।
परीक्षा के दिन उसने प्रश्नपत्र की तीन पेजों की फोटो खींचकर बहन साबिया को भेजी, जिन्होंने उन्हें आगे सुमन नामक महिला को भेजकर उत्तर प्राप्त किए। हालांकि, दोबारा बाथरूम जाने की अनुमति न मिलने से वह उत्तर ओएमआर शीट में नहीं भर पाया।
परीक्षा के बाद जब प्रश्नपत्र के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो खालिद घबरा गया। वह बहन के साथ फरार होकर दिल्ली पहुंचा, मोबाइल फोन रीसेट कर दिए और सिम कार्ड तोड़ दिए। लखनऊ जाते समय उसने आईफोन ट्रेन के डस्टबिन में फेंक दिया। बाद में हरिद्वार लौटा और देहरादून में आत्मसमर्पण की कोशिश के दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया।
अब तक की जांच में किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता नहीं पाई गई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने उत्तर मिलने के बावजूद उन्हें अपनी ओएमआर शीट में दर्ज नहीं किया। पुलिस का कहना है कि अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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