सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एमसीएच में गर्भवती महिला की मौत का मामला, स्वास्थ्य विभाग ने बैठाई जांच, तीन दिन में पूरी होगी जांच

–डॉक्टरों, परिजनों और एंबुलेंस चालक के बयान होंगे दर्ज, दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई: सीएमओ
खबर डोज, हरिद्वार। हरिद्वार के पीपीपी मोड स्थित एनपीपीएल (NPPL) अस्पताल में प्रसव उपरांत 21 वर्षीय गर्भवती महिला रेनू दास की मौत के मामले का स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए जांच बैठा दी है। महिला की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ हरिद्वार डॉ. आरके सिंह ने बताया कि गर्भवती महिला की मौत के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाएगा। इसमें अस्पताल में तैनात डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के बयान लेने के साथ ही मृतका के परिजनों और एंबुलेंस चालक के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा महिला को अस्पताल लाए जाने से लेकर प्रसव के दौरान उसकी स्थिति और उपचार से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
सीएमओ के मुताबिक जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और तीन दिन के अंतराल में जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी डॉक्टर, कर्मचारी या अन्य संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात प्रसव के दौरान रेनू दास की मौत हो गई थी, जबकि नवजात शिशु सुरक्षित है। महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया था। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच बैठाए जाने के बाद अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं।

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