अपर रोड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का डीएम मयूर दीक्षित ने किया औचक निरीक्षण, नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव मांगा

–बच्चों से गणित के सवाल पूछकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता, खेल मैदान की आवश्यकता पर भी दिया जोर
खबर डोज, हरिद्वार। जनपद की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में गुरुवार, 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी ने अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षण की गुणवत्ता और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुराने विद्यालय भवन के स्थान पर नया भवन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से गणित के सवाल भी हल करवाए। बच्चों द्वारा सभी प्रश्नों के सही उत्तर देने और गणित के सवालों को सफलतापूर्वक हल करने पर जिलाधिकारी ने उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रुचि और उनकी शैक्षणिक क्षमता की सराहना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।

किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देने के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ उसका दैनिक जीवन में उपयोग करना भी सिखाया जाना चाहिए, ताकि उनकी समझ और सीखने की क्षमता का बेहतर विकास हो सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और टीम भावना विकसित होती है।
पुराने भवन की जगह नया भवन बनाने की तैयारी
विद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने उसकी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुराने भवन के स्थान पर नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में बच्चों के खेलने के लिए मैदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं होना आवश्यक है। खेल मैदान उपलब्ध होने से बच्चों की शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, आपसी सहयोग और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। इसलिए विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास, भवनों की स्थिति में सुधार और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सपना रानी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, विद्यालय की शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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