कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की पति के खिलाफ शिकायत, हत्या की साजिश समेत लगाए गंभीर आरोप

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–विवाह के समय पहली शादी छिपाने, मारपीट, धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप; कैंट थाने में मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

खबर डोज, देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मंत्री ने पति पर विवाह के समय पहली शादी छिपाने, अन्य महिलाओं से संबंध रखने, विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनियों में निदेशक पद से हटाने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।

शिकायत के आधार पर देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

2004 में हुआ था विवाह, पहली शादी छिपाने का आरोप

पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, यमुना कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय रेखा आर्या ने छह जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। मंत्री का आरोप है कि विवाह के समय उनके पति ने खुद को अविवाहित बताया था। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि गिरधारी लाल पहले से विवाहित थे और उनके बच्चे भी हैं।

रेखा आर्या ने आरोप लगाया कि पति ने अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाकर उन्हें धोखे में रखा। इस जानकारी के सामने आने के बाद उनके वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ गया।

विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी

तहरीर में मंत्री ने आरोप लगाया है कि पति के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने विरोध किया। शुरुआत में गिरधारी लाल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।

आरोप है कि विरोध करने पर रेखा आर्या के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी आवास में कर्मचारियों के सामने उनके लिए जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का आरोप

मंत्री ने अपनी शिकायत में कंपनियों से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। रेखा आर्या के मुताबिक, उन्होंने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही कोई त्यागपत्र दिया। उन्होंने इस मामले की भी जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग में हत्या की साजिश रचने का दावा

इस मामले में सबसे गंभीर आरोप ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा है। रेखा आर्या ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग की जानकारी देते हुए दावा किया है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उनकी हत्या की साजिश रचने की बात कर रहे हैं।

मंत्री ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा जताया है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। हालांकि, ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें हुई बातचीत की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी

मामले को लेकर एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।

मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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