डीएम साहब कांवड़ मेले में महिला पीआरडी जवान की अभद्रता पर कार्रवाई नहीं, युवा कल्याण विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तमाम व्यवस्थाओं और तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चंडी घाट चौक पर यूपी रोडवेज के चालक के साथ कथित अभद्रता के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने से युवा कल्याण विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि चंडी घाट चौक पर ड्यूटी के दौरान एक महिला पीआरडी जवान, जिसका नाम मीना बताया जा रहा है, की यूपी रोडवेज बस के चालक के साथ अभद्रता का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बावजूद संबंधित महिला पीआरडी जवान के खिलाफ अब तक विभागीय स्तर पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।

मामले को लेकर सवाल उठ रहा है कि कांवड़ मेले जैसे बड़े आयोजन से पहले पीआरडी जवानों को उनकी ड्यूटी, श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से व्यवहार तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देशों को लेकर उचित ब्रीफिंग दी गई थी या नहीं। यदि ब्रीफिंग की गई थी तो ड्यूटी के दौरान इस तरह की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और यदि मामला सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है?

कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में देशभर से करोड़ों की संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के साथ समन्वय बनाए रखने में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी कर्मचारी के व्यवहार से श्रद्धालुओं, वाहन चालकों या अन्य लोगों को परेशानी होती है तो संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या युवा कल्याण विभाग की ओर से कांवड़ मेले से पहले पीआरडी जवानों की ड्यूटी और जिम्मेदारियों को लेकर पर्याप्त तैयारी की गई थी। साथ ही, वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले की विभागीय जांच कराई गई या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।

वहीं, मामले में युवा कल्याण विभाग की ओर से अब तक कार्रवाई नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कांवड़ मेले जैसे संवेदनशील और बड़े आयोजन में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

हालांकि, महिला पीआरडी जवान का पक्ष और युवा कल्याण विभाग की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। विभाग की ओर से जांच या कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के संज्ञान में मामला आने के बाद युवा कल्याण विभाग इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है और क्या संबंधित महिला पीआरडी जवान के खिलाफ विभागीय जांच अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडे का कहना है कि कांवड मेले के दौरान किसी भी जवान को नहीं हटाया जा सकता है, कांवड मेले के बाद महिला पीआरडी जवान पर कार्रवाई की जाएगी।

You cannot copy content of this page