पौड़ी जिले में गुलदार का रेस्क्यू बना चुनौती, हमले में दो वनकर्मी घायल

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, कोटद्वार। तहसील पौड़ी के मासौं तल्ला गांव में गुलदार के रेस्क्यू अभियान के दौरान दो वन आरक्षी घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने गुलदार को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन रेस्क्यू में देरी होने के चलते गुलदार दोबारा होश में आ गया और उसने मौके पर मौजूद वन कर्मियों पर हमला कर दिया।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब पांच बजे एक गुलदार गांव निवासी अर्जुन सिंह के मुर्गीबाड़े में घुस गया। जाली के रास्ते से होते हुए गुलदार एक कमरे में पहुंच गया और अंदर बंद हो गया। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू करने की कार्रवाई शुरू की।

डीएफओ महातिम यादव के मुताबिक गुलदार की उम्र करीब एक वर्ष आंकी गई है। रेस्क्यू टीम ने गुलदार को ट्रैंकुलाइज कर उसे पिंजरे में सुरक्षित कैद करने का प्रयास किया। इसी दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों की मौजूदगी के कारण गुलदार को कमरे से बाहर निकालने की प्रक्रिया में समय लगा और रेस्क्यू अभियान में देरी हुई।

डीएफओ ने बताया कि ट्रैंकुलाइजेशन के बाद दवा का प्रभाव एक निर्धारित अवधि तक ही रहता है। रेस्क्यू प्रक्रिया में देरी के दौरान गुलदार दोबारा होश में आ गया। इसके बाद उसने रेस्क्यू अभियान में जुटे दो वन आरक्षियों पर हमला कर दिया। हमले में दोनों वन कर्मी घायल हो गए।

घटना के बाद घायल वन आरक्षियों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। उनकी स्थिति पर वन विभाग की ओर से नजर रखी जा रही है।

इधर, गुलदार के दोबारा सक्रिय होने के बाद वन विभाग ने अतिरिक्त टीम को मौके पर बुलाया है। दूसरी रेस्क्यू टीम भी गांव पहुंच गई है और गुलदार को सुरक्षित रूप से दोबारा ट्रैंकुलाइज करने की कार्रवाई जारी है।

वन विभाग की ओर से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर भीड़ न लगाने और टीम को आवश्यक सहयोग देने की अपील की गई है, ताकि गुलदार को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सके।

You cannot copy content of this page