पौड़ी जिले में त्योहारों से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग, रिपोर्ट आएगी एक माह बाद: बोले फूड इंस्पेक्टर, आखिर क्या है विभाग का उद्देश्य?

खबर डोज, कोटद्वार। रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले पौड़ी जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष जांच एवं सैंपलिंग अभियान चलाया है। श्रीनगर और कोटद्वार क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान विभाग की टीम ने कुल 16 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और विभिन्न खाद्य पदार्थों के 10 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। हालांकि, इन नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट त्योहार बीतने के काफी समय बाद आने की संभावना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि त्योहारों से पहले की जा रही सैंपलिंग का वास्तविक उद्देश्य क्या है और इसका फायदा उपभोक्ताओं को कब मिलेगा?
जिला प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में की गई है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
16 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 10 नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अभियान के दौरान कुल 16 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 10 नमूने लिए गए। विभाग के मुताबिक इनमें 5 विधिक और 5 सर्विलांस नमूने शामिल हैं।
संग्रहित नमूनों में 6 नमूने मिठाई और नमकीन के हैं, जबकि 4 नमूने अन्य खाद्य पदार्थों के लिए गए हैं। खास बात यह है कि इस अभियान में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट का कोई नमूना नहीं लिया गया।
बिना लेबल और तारीख वाली खाद्य सामग्री नष्ट
निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम को कुछ ऐसी पैक्ड खाद्य सामग्री भी मिली, जिस पर लेबल और तिथि अंकित नहीं थी। इसमें बेकरी उत्पाद और नमकीन शामिल थे। अधिकारियों ने ऐसी सामग्री को नियमानुसार नष्ट कराया।
इसके साथ ही मिठाई और स्वीट शॉप संचालकों को दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। कारोबारियों को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई और गुणवत्ता को लेकर भी जागरूक किया गया।
त्योहार से पहले सैंपलिंग, लेकिन रिपोर्ट बाद में आने पर सवाल
त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका अहम हो जाती है। विभाग द्वारा त्योहारों से ठीक पहले नमूने लिए जाने के बावजूद यदि उनकी जांच रिपोर्ट करीब एक माह बाद आती है तो यह सवाल स्वाभाविक है कि रिपोर्ट आने तक संबंधित खाद्य सामग्री बाजार में बिक चुकी होगी।
हालांकि विभाग का कहना है कि सैंपलिंग का उद्देश्य केवल तत्काल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में मानकों के पालन को लेकर नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी नमूने में मानक के विपरीत गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फूड विभाग ने क्या बताया?
सहायक आयुक्त खाद्य पीसी जोशी ने बताया कि अभियान के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के संबंध में जागरूक किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत लिए गए सभी नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
श्रीनगर और कोटद्वार में टीम ने की कार्रवाई
श्रीनगर में अभियान के दौरान सहायक आयुक्त खाद्य पीसी जोशी, तहसीलदार दीपक भंडारी और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल मौजूद रहे। वहीं कोटद्वार में तहसीलदार सनवाल, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा और राजस्व उपनिरीक्षक अमित नेगी ने कार्रवाई में हिस्सा लिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हैं। खासकर मिठाई और नमकीन के लिए गए छह नमूनों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ तय गुणवत्ता मानकों पर कितने खरे उतरते हैं।
विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और पर्वों के दौरान जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
फूड इंस्पेक्टर कोटद्वार संदीप मिश्रा ने बताया कि कोटद्वार में लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट एक माह बाद आएगी। जब रिपोर्ट एक माह बाद आनी है, तो सैंपलिंग उद्देश्य क्या है।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 खबरडोज के व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ें







