हरिद्वार महिला अस्पताल फिर विवादों में, NPPL के सुपरवाइजर पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, प्रबंधन पर कई मुकदमों में नामजद सुपरवाइजर को बचाने का आरोप

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खबर डोज, हरिद्वार। जिला अस्पताल के बाद अब हरिद्वार का महिला अस्पताल NPPL एक बार फिर विवादों में आ गया है। अस्पताल में तैनात एक सुपरवाइजर पर महिला स्टाफ के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला स्टाफ की ओर से नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, सुपरवाइजर के खिलाफ कथित तौर पर पहले से एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की चर्चा ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिला स्टाफ की शिकायत के बाद पुलिस जांच शुरू

जानकारी के अनुसार, महिला अस्पताल NPPL में तैनात सुपरवाइजर के खिलाफ वहां कार्यरत एक महिला स्टाफ ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में महिला कर्मचारी की ओर से लगाए गए इस आरोप ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ वास्तव में पहले से एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, तो उसकी नियुक्ति से पहले पुलिस सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। हालांकि, मुकदमों की संख्या और उनकी प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में इन दावों की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पहले भी अभद्र व्यवहार के आरोप लगने का दावा
बताया जा रहा है कि संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ पहले भी अन्य महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन पर सुपरवाइजर को बचाने और शिकायतों पर चुप्पी साधने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, प्रबंधन से इस बाबत संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हों पाया।

नगर कोतवाली पुलिस कर रही जांच

नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि महिला अस्पताल NPPL में तैनात सुपरवाइजर के खिलाफ महिला स्टाफ की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने और संबंधित व्यक्ति के दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है। साथ ही, सुपरवाइजर के खिलाफ पूर्व में मुकदमे दर्ज होने के दावों की सत्यता सामने आने के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा। फिलहाल, महिला स्टाफ की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच इस पूरे मामले के अहम पहलू हैं।

वेतन और ड्रेस भुगतान को लेकर भी उठे सवाल
NPPL प्रबंधन पर डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर नहीं करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा, ज्वालापुर के एक कारोबारी से अस्पताल की ड्रेस खरीदने के बाद भुगतान नहीं किए जाने और दिए गए चेक बाउंस होने का मामला भी चर्चा में रहा है। इन मामलों में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और दस्तावेजों के आधार पर पुष्टि होना आवश्यक है।

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