कोटद्वार में ‘पिल्ला गैंग’ पर सख्ती का हेड कांस्टेबल करन यादव को मिला ईनाम, लंबित विवेचनाओं पर कप्तान ने लगाई अधिकारियों की फटकार

–SSP सर्वेश पंवार के सख्त निर्देश: लंबित विवेचनाएं जल्द निपटाएं, ई-एफआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
खबर डोज, कोटद्वार। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण को मजबूत करने और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने शनिवार को पुलिस लाइन पौड़ी में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कोटद्वार के पिल्ला गैंग पर कार्रवाई के लिए बाजार चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल करन यादव को एसएसपी सर्वेश पंवार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

बैठक में अपराधों की समीक्षा, लंबित विवेचनाएं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा उन्मूलन, यातायात प्रबंधन, जनसुरक्षा और मुख्यालय स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं को पूरी गंभीरता से धरातल पर उतारा जाए और किसी भी अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंबित विवेचनाओं पर फटकार
एसएसपी ने थानों में लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों का निस्तारण 15 दिन के भीतर तथा अन्य मामलों का 60 से 90 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए। अनावश्यक रूप से विवेचनाएं लंबित रखने वाले थाना प्रभारियों और विवेचकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। साथ ही सभी विवेचकों को ई-साक्ष्य ऐप पर शत-प्रतिशत कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ई-एफआईआर में नहीं चलेगी कोताही
बैठक में एसएसपी ने कहा कि जनपद में अब तक केवल पांच ई-एफआईआर दर्ज होना चिंताजनक है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर की सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा इस तरह की शिकायत मिलने पर बिना देरी के एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नशे के पूरे नेटवर्क पर करें कार्रवाई
एसएसपी ने नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। सप्लायर, परिवहनकर्ता, आर्थिक सहयोगी और संरक्षण देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सत्यापन अभियान और फायर ऑडिट पर जोर
किरायेदारों, बाहरी मजदूरों, घरेलू सहायकों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश देते हुए एसएसपी ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, फायर यूनिटों को कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों, वेडिंग प्वाइंट्स और अन्य संस्थानों में नियमित फायर सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश भी दिए गए।
सोशल मीडिया पर रखें पैनी नजर
एसएसपी ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर देते हुए अधिकारियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक और भड़काऊ सामग्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा अफवाहों का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए। साथ ही शांति समिति, जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को कहा।
अपराध नियंत्रण में प्रभावी कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 170 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 74 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के 14 मामलों में 26 आरोपियों तथा आबकारी अधिनियम के 27 मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई की गई है।
17 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
बैठक के अंत में मई माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने सभी अधिकारियों से जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने और जनजागरूकता अभियानों को लगातार जारी रखने का आह्वान किया।

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