कोटद्वार पुलिस ने चार दिन में खोला अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का राज, चार शातिर गिरफ्तार, दिल्ली का मास्टरमाइंड फरार, देखिए वीडियो

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खबर डोज, कोटद्वार। कोटद्वार पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार की रणनीति के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाने वाले चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों से रेकी कर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ है तथा आरोपियों पर विभिन्न राज्यों में चोरी समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 को कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून माह में परिवार के साथ पैतृक गांव जाने के दौरान उनके बंद मकान से अज्ञात चोर नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में धारा 305 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सर्वेश पंवार ने तत्काल पुलिस टीमों का गठन कर शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर, क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाईं, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी और सीआईयू प्रभारी रणजीत तोमर के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर दुर्गापुरी, देवी मंदिर रोड, नजीबाबाद रोड, नजीबाबाद और हरिद्वार मार्ग तक लगे करीब 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित निवासी गाजियाबाद, कासिफ उर्फ नन्हे, आमिर तथा आसिफ उर्फ अमन के रूप में हुई है। तीनों अन्य आरोपी मूल रूप से बरेली के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कोटद्वार में चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि चोरी किए गए आभूषण मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने चोरी की रकम में से 13,600 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह ने 26 जून को उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से एक अपाचे मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा देहरादून के प्रेमनगर और डोईवाला क्षेत्र से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल कर बंद मकानों की रेकी की जाती थी। वारदात के बाद आरोपी चोरी का सामान अपने साथियों के माध्यम से ठिकाने लगाकर कार से राज्य बदल देते थे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य साथी मोहम्मद आरिफ निवासी यमुना विहार, दिल्ली अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि उसके पकड़े जाने के बाद कई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम के 13,600 रुपये, देहरादून से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (DL 3CCC 1688) बरामद की गई है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली कोटद्वार से उपनिरीक्षक वेद प्रकाश, उपनिरीक्षक अभिनव शर्मा, सीआईयू प्रभारी उपनिरीक्षक रणजीत तोमर, हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह गुरमीत, कांस्टेबल आशीष बिष्ट, कांस्टेबल चंद्रपाल एवं होमगार्ड कुलदीप शामिल रहे।

इस उल्लेखनीय सफलता पर एसएसपी सर्वेश पंवार ने पूरी पुलिस टीम को 5,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके आपराधिक नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।

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