अस्पताल से दूरी पर मां गंगे ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द, स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार की कार्रवाई

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खबर डोज, हरिद्वार। जगजीतपुर स्थित मां गंगे ब्लड बैंक के खिलाफ चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया है। विभाग ने यह कार्रवाई ब्लड बैंक की अस्पताल से अधिक दूरी और इस संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की है। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से ब्लड बैंक संचालन को लेकर नियमों के पालन का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जगजीतपुर स्थित मां गंगे ब्लड बैंक अस्पताल से काफी दूरी पर संचालित हो रहा था। इसको लेकर आम लोगों की ओर से शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों और संबंधित व्यवस्थाओं का संज्ञान लेते हुए विभाग ने मामले की जांच की।

सीएमओ के अनुसार, ब्लड बैंक और अस्पताल के बीच अधिक दूरी होने के कारण मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर रक्त उपलब्ध कराने तथा आपात स्थिति में उसका उपयोग करने में व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ सकती थीं। इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड बैंक के लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित ब्लड बैंक के संचालन पर रोक लग गई है। विभाग का कहना है कि ब्लड बैंक जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन आवश्यक है। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके, इसके लिए ब्लड बैंक की अस्पतालों से कनेक्टिविटी और दूरी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के हित और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब यह भी देखा जा रहा है कि क्षेत्र में मरीजों और अस्पतालों की रक्त संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं।

मां गंगे ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त होने के बाद स्थानीय स्तर पर रक्त की उपलब्धता और मरीजों को होने वाली संभावित दिक्कतों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

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