मिनटों की बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, हरिद्वार में जलभराव से लोग परेशान, वीडियो हुई वायरल

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खबर डोज, हरिद्वार। रविवार सुबह हरिद्वार में हुई कुछ ही मिनटों की हल्की बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश भले ही ज्यादा देर तक नहीं हुई, लेकिन इसके बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्रेमनगर आश्रम, कनखल और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया। कई जगहों पर नालियां पूरी तरह चोक नजर आईं, जिससे बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बारिश रुकने के घंटों बाद भी पानी की निकासी नहीं हो सकी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नगर निगम की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि नालों की सफाई कर दी गई है और जलभराव की समस्या नहीं होगी, लेकिन जैसे ही पहली बारिश होती है, सारी तैयारियां धरी की धरी रह जाती हैं। लोगों का आरोप है कि नालों की सफाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं होता।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि थोड़ी सी बारिश ने ही पूरे सिस्टम को ठप कर दिया। सड़कों पर भरे पानी में लोग गुजरने को मजबूर हैं, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन भी पानी में फंसते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी साफ देखी जा रही है।

स्थानीय व्यापारियों को भी इस स्थिति से नुकसान उठाना पड़ा। दुकानों के बाहर पानी भर जाने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई और कारोबार ठप हो गया। लोगों का कहना है कि अगर अभी यह स्थिति है, तो मानसून के दौरान हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नागरिकों ने जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी सफाई अभियान से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना होगा और नियमित रूप से उसकी निगरानी करनी होगी।

यह पहली बार नहीं है जब हरिद्वार में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई हो। हर साल यही हालात दोहराए जाते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक शहरवासी इसी तरह परेशान होते रहेंगे और कब व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।

फिलहाल, एक छोटी सी बारिश ने ही यह साबित कर दिया है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम अभी भी कमजोर है और जिम्मेदार विभागों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

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