आबकारी विभाग की सुस्ती पर डीएम सख्त, 25 सितंबर तक लंबित अर्थदंड की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश

-ओवररेटिंग और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बढ़ेंगे निरीक्षण और छापेमारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
खबर डोज, कोटद्वार। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में लंबित अर्थदंड की वसूली में देरी पर नाराजगी जताते हुए 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चालानी कार्रवाई के बाद अर्थदंड की वसूली लंबित नहीं रहनी चाहिए। साथ ही शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण और छापेमारी बढ़ाने को कहा।

मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली, अनुज्ञापनों की स्थिति, निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई सहित ओवररेटिंग और अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए इसकी नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्राप्त राजस्व, जमा एवं अवशेष राजस्व और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा के दौरान पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार एवं रिखणीखाल की मदिरा दुकानों से संबंधित प्रतिभूति प्रस्तुत करने तथा पूर्व में जमा प्रतिभूति के विस्तार की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को विभागीय कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली और प्रवर्तन कार्रवाई की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई करने को कहा।
लंबित अर्थदंड की वसूली में देरी पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई मामलों में चालानी कार्रवाई कर अर्थदंड अधिरोपित किया गया है, लेकिन संबंधित व्यक्तियों से उसकी वसूली नहीं हो पाई है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित अर्थदंड की तत्काल वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद वसूली लंबित रहना उचित नहीं है। सभी लंबित मामलों की नियमित निगरानी करते हुए 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वसूली कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
ओवररेटिंग पर होगी सख्ती, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
जिलाधिकारी ने आबकारी दुकानों के निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा करते हुए ओवररेटिंग के मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकतानुसार छापेमारी बढ़ाने को कहा। ओवररेटिंग की शिकायतों की गंभीरता से जांच करने तथा पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान को उपजिलाधिकारियों के माध्यम से भी मदिरा दुकानों का निरीक्षण कराने को कहा। वहीं, अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और छापेमारी बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अनधिकृत रूप से शराब बेचने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा।
इस अवसर पर एडीएम एफआर चौहान, जिला आबकारी अधिकारी तपन पांडेय सहित आबकारी विभाग के सभी निरीक्षक उपस्थित रहे।

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