राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर धामी ने सतपाल महाराज को दी जन्मदिन की बधाई, ऋषिकुल मैदान में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
आध्यात्मिक क्षेत्र में सतपाल महाराज का अनुकरणीय योगदान : मुख्यमंत्री धामी
राष्ट्र की एकता-अखंडता और भेदभाव रहित समाज के लिए मिलजुलकर प्रयास करने का आह्वान, लाखों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब
खबर डोज, हरिद्वार। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को आध्यात्मिक गुरु एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का 75वां जन्मदिवस सद्भावना समारोह के रूप में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। ऋषिकुल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में लाखों अनुयायियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर सतपाल महाराज को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। सतपाल महाराज के दोनों पुत्रों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि सनातन संस्कृति की पताका को आगे बढ़ाने में आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज का अनुकरणीय योगदान है। उनके जीवन और विचारों से लाखों अनुयायियों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विश्व गुरु भारत के सपने को साकार करने में सतपाल महाराज जैसे आध्यात्मिक गुरुओं का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने सतपाल महाराज के व्यक्तित्व को सेवा, संकल्प, समर्पण और कल्याण का स्वरूप बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन के 75 वर्षों में लाखों लोगों को प्रेरणा देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत भूमि पर जन्म लेना पूर्व जन्म के पुण्य का परिणाम माना गया है और यही पुण्यभूमि मोक्ष का द्वार भी प्रस्तुत करती है।
सीएम धामी ने कहा कि सतपाल महाराज का परिवार धर्म और सेवा के कार्यों को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस के अवसर पर आश्रम से लेकर ऋषिकुल मैदान तक श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, लेकिन कहीं अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। उन्होंने इसे सतपाल महाराज की प्रेरणा और उनके अनुयायियों के अनुशासन का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतपाल महाराज के अनुयायी देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मौजूद हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि देश की एकता और अखंडता, भेदभाव रहित समाज, आपसी सौहार्द तथा राष्ट्रीय विकास के लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से आत्मज्ञान और आंतरिक शांति की प्राप्ति संभव है। जीवन में आत्मज्ञान और गुरु कृपा के महत्व को समझने की आवश्यकता है।
सतपाल महाराज ने कहा कि व्यक्ति के विचार, वाणी और कर्मों में शुद्धता होनी चाहिए तथा सकारात्मक चीजों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सकारात्मक सोच जीवन की कठिनाइयों का सामना करने का सामर्थ्य देती है और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि मानव धर्म ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने युवा पीढ़ी को शास्त्रों की शिक्षा ग्रहण करने और चरित्रवान बनने का आह्वान किया। कहा कि शास्त्रों की शिक्षा युवा पीढ़ी के सही मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनके आध्यात्मिक संदेशों के दौरान पूरा पंडाल जयघोष और तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, भाजपा विधायक आदेश चौहान, सतपाल महाराज की धर्मपत्नी अमृता रावत, उनके बेटे विभुजी महाराज और सुयश महाराज, पुत्रवधू आराध्या रावत व मोहिना कुमारी, रीवा राजघराने से पुष्पराज भूदेव, रागिनी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, रुड़की जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, विक्रम भुल्लर, मनोज गौतम समेत बड़ी संख्या में समर्थक और अनुयायी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर भेजे गए शुभकामना संदेश को भी पढ़कर सुनाया गया। समारोह में देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और सेवा के संकल्प का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया।

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