पौड़ी: गुलदार के हमले में बच्ची की मौत के बाद प्रदर्शन, डीएफओ से मारपीट, एसडीओ और तहसीलदार को बनाया बंधक, मामला दर्ज

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–पौड़ी में वन विभाग के अधिकारियों के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला, डीएफओ की तहरीर पर विनोद दनोसी समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

खबर डोज, पौड़ी। पौड़ी जिले के वजली गांव में पांच वर्षीय मासूम बच्ची की गुलदार के हमले में मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा अब अधिकारियों पर भी फूट पड़ा। खांड्यूंसैंण में हुए प्रदर्शन के दौरान गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों पर एसडीओ आयशा बिष्ट और तहसीलदार को बंधक बनाने का भी आरोप है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को पांच वर्षीय बच्ची की गुलदार के हमले में मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। इसी घटना को लेकर खांड्यूंसैंण में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और वन विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। इस दौरान अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। डीएफओ महातिम यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। वहीं, एसडीओ आयशा बिष्ट और तहसीलदार को भी बंधक बनाया गया।

घटना में घायल डीएफओ महातिम यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। डीएफओ की तहरीर के आधार पर पुलिस ने विनोद दनोसी निवासी गडोली सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाली प्रभारी जयपाल नेगी के मुताबिक मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रवीण रावत को सौंपी गई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मासूम की मौत से उपजा ग्रामीणों का आक्रोश अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने वन्यजीव हमलों को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर वन विभाग की जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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