वाह! पौड़ी जिले में त्योहारी गड़बड़झाला, दीपावली से तीन दिन पहले कोटद्वार में लिए 12 नमूने, किस नामचीन होटल से लिए गए नमूने? विभाग ने होटल कारोबारियों के नाम क्यों रखे पर्दे में, कब आएगी जांच रिपोर्ट?

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खबर डोज, कोटद्वार। दीपावली का त्योहार सिर पर है और बाजारों में मिठाइयों से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री जोर पकड़ चुकी है। पौड़ी जिले का खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली से महज तीन दिन पहले कोटद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के 12 नमूने एकत्र किए गए। सवाल यह है कि जब त्योहारी सीजन काफी पहले शुरू हो चुका था तो विभाग को इतनी देर से निरीक्षण और सैंपलिंग की याद क्यों आई?

जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान में दुर्गापुरी, किशनपुरी, देवी रोड और तीलू रौतेली चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मैसूर पाक, बेसन के लड्डू, मावा, काजू कतली, कलाकंद और मिल्क केक सहित कुल 12 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

विभागीय कार्रवाई के बाद एक और बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किन प्रतिष्ठानों और किस नामचीन होटल से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं? विभाग की ओर से जारी जानकारी में नमूनों का विवरण तो दिया गया, लेकिन संबंधित होटल और प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। आखिर होटल कारोबारियों के नाम बताने में विभाग को क्या परेशानी है? क्या आम उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार नहीं है कि उनके आसपास किन प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है?

इतना ही नहीं, नमूने लेने के बाद उनकी जांच रिपोर्ट कब तक आएगी और त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को मिलावट से सुरक्षित रखने के लिए विभाग के पास क्या व्यवस्था है, यह भी बड़ा सवाल है। यदि रिपोर्ट दीपावली के बाद आती है तो त्योहार के दौरान बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर सवालों का जवाब कौन देगा?

निरीक्षण के दौरान मिठाई विक्रेताओं को खुली मिठाइयों पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य कारोबारियों को एक्सपायरी और मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों का विक्रय, भंडारण एवं वितरण नहीं करने की हिदायत भी दी गई।

अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार संदीप मिश्रा, तहसीलदार राजेंद्र सनवाल और सुनील बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि खाद्य सुरक्षा विभाग केवल नमूने लेकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है या फिर जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई करता है। त्योहारी सीजन में जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है, महज निरीक्षण की प्रेस विज्ञप्ति जारी करना नहीं।

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