टिहरी में पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर गंभीर हुए आईजी राजीव स्वरूप, अवकाश से लेकर मेडिकल बिलों के भुगतान तक दिए निर्देश

–पुलिस लाइन चंबा में टिहरी पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मेलन, लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति और टीए-डीए बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा
खबर डोज, टिहरी। पुलिसकर्मियों की समस्याओं और उनके कल्याण को लेकर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने गंभीरता दिखाई। शनिवार, 31 अक्टूबर को पुलिस लाइन चंबा स्थित सम्मेलन कक्ष में उन्होंने जनपद टिहरी गढ़वाल के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मेलन लेकर उनकी व्यक्तिगत और विभागीय समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

सम्मेलन में आईजी राजीव स्वरूप ने पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने विशेष रूप से आकस्मिक और उपार्जित अवकाश के प्रार्थना पत्रों पर नियमानुसार समय से कार्रवाई करते हुए अवकाश स्वीकृत करने के निर्देश दिए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

आईजी ने आगामी समय में सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा संबंधी पत्रावलियां एवं आवश्यक अभिलेख पहले से तैयार रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को उनके देयकों और अन्य औपचारिकताओं के निस्तारण में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा लंबे समय से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रिइम्बर्समेंट) बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि भुगतान में किसी प्रकार की विभागीय या प्रशासनिक समस्या आने पर आईजी कार्यालय से पत्राचार कर उसका समाधान कराया जाए। वहीं, यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता (टीए-डीए) के लंबित बिलों का प्राथमिकता से भुगतान करने के निर्देश अकाउंटेंट को दिए।
एसएसपी श्वेता चौबे ने रखीं जनपद की समस्याएं
सम्मेलन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे ने जनपद की पुलिस व्यवस्था, पुलिसकर्मियों से संबंधित समस्याओं, विभागीय आवश्यकताओं और विभिन्न लंबित प्रकरणों से आईजी को अवगत कराया। आईजी ने प्रस्तुत विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि पुलिसकर्मी विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके कल्याण, सुविधाओं और समस्याओं का समय पर समाधान होना आवश्यक है। बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिसकर्मियों के हितों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जाए। सम्मेलन के दौरान उपस्थित किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने अन्य कोई समस्या प्रस्तुत नहीं की।

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