कांवड़ मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की अहम भूमिका, 2.32 लाख से अधिक कांवड़ियों का मिला उपचार

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खबर डोज, हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के दौरान करोड़ों शिवभक्तों की भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए कांवड़ियों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरके सिंह के दिशा-निर्देशन तथा नोडल अधिकारी कांवड़ डॉ. राजेश गुप्ता की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी रहीं।

नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान अब तक 2,32,711 मरीजों का ओपीडी में उपचार किया जा चुका है। अकेले 11 अगस्त को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा शिविरों में 13,069 मरीजों को उपचार दिया गया। इनमें बुखार, फंगल इंफेक्शन, अन्य बीमारियां, दुर्घटना में चोट, डायरिया, जलने तथा कीड़े के काटने जैसे मामलों के मरीज शामिल रहे।

नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि संचयी आंकड़ों में 41,893 मरीज बुखार, 39,452 फंगल इंफेक्शन, 18,796 दुर्घटना में घायल, 11,815 डायरिया तथा 1,17,588 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित रहे। इसके अलावा 150 डॉग बाइट, 198 मंकी बाइट और 302 इंसेक्ट बाइट के मामले भी सामने आए।

गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रेफर करने की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग ने बनाए रखी। अब तक कुल 254 मरीजों को रेफर किया गया है, जबकि 11 अगस्त को पांच मरीजों को रेफर किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कांवड़ मेले के दौरान अब तक 18 मृत्यु के मामले दर्ज हैं। इनमें चार मौतें पानी में डूबने से हुई हैं, जबकि 14 लोगों को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी करते हुए आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

कांवड़ मेले में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से शिवभक्तों को समय पर निःशुल्क उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।

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