कांवड़ यात्रा 2026: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिए सख्त निर्देश, बोले: श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, समय पर पूरी हों सभी तैयारियां

खबर डोज, हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सेवा-भाव, बेहतर समन्वय और संवेदनशीलता के साथ व्यवस्थाएं संचालित करने को कहा।

मंगलवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता और सेवा संस्कृति का प्रतीक है। राज्य सरकार का लक्ष्य “सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़” है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु देवभूमि से सुरक्षित और सुखद अनुभव लेकर लौटे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जाएं और धार्मिक परंपराओं की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए।

सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ट्रैफिक और मेडिकल व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग यातायात व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आमजन को परेशानी न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखने तथा भारी बारिश या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा।
स्वच्छता, महिला सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने पूरे कांवड़ मार्ग पर पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में स्वच्छ पिंक टॉयलेट स्थापित करने और महिला पुलिस बल व हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने होटल, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कराने, लाइसेंस एवं पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराने तथा किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए। साथ ही नो-प्लास्टिक अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और यात्रा समाप्त होने के बाद तत्काल सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए।
हर की पैड़ी और प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल और अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकासी योजना को पूरी तरह तैयार रखने को कहा। साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखने तथा अत्यधिक ऊंची कांवड़ और निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश भी दिए।
महाकुंभ-2027 की तैयारियों पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान महाकुंभ-2027 की तैयारियां किसी भी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्य निर्धारित समय पर पूरे किए जाएं, ताकि उत्तराखंड एक बार फिर उत्कृष्ट आयोजन का उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा सहित जनप्रतिनिधियों ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर सुझाव दिए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों की तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

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