नकली सोने से 8 लाख की ठगी करने वाले राजस्थान के तीन शातिर चढ़े सीआईयू और कोटद्वार पुलिस के हत्थे, 6 लाख की नकदी समेत चार सोने की चेन बरामद, देखिए वीडियो

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खबर डोज, कोटद्वार। कोटद्वार पुलिस ने नकली सोने के आभूषणों के सहारे ज्वैलर्स को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान निवासी तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6 लाख रुपये नकद और सोने की 4 चेन बरामद की हैं। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

19 जुलाई 2026 को जौनपुर, कोटद्वार निवासी ज्वैलर्स विभाष अग्रवाल ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2026 को रघुवीर नाम का व्यक्ति आर्थिक तंगी का हवाला देकर असली सोने की अंगूठी गिरवी रखकर 25 हजार रुपये उधार ले गया था। कुछ समय बाद उसने पैसे लौटाकर अंगूठी वापस ले ली। इसके बाद वह कई बार इसी तरह लेन-देन करता रहा और विश्वास जीत लिया।

6 जुलाई 2026 को रघुवीर अपने एक साथी के साथ फिर दुकान पर पहुंचा और बेटी की शादी का हवाला देकर कुछ सोने के पेंडल के बदले तैयार आभूषण और नकद धनराशि मांगी। पुराने व्यवहार के चलते ज्वैलर्स ने उसे 8 लाख रुपये नकद और तैयार आभूषण दे दिए। बाद में जांच कराने पर पता चला कि गिरवी रखे गए आभूषण नकली थे। आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में संबंधित बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर, क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाई, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी और सीआईयू प्रभारी रणजीत तोमर के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी बस से कोटद्वार आए थे और वारदात के बाद नजीबाबाद चले गए।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन कोटद्वार से रघुवीर नायक (50), विक्रम भोपा (35) और बलवीर नायक (30) निवासी पृथ्वीपुरा खेड़ा, जिला अलवर (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 6 लाख रुपये नकद और सोने की 4 चेन बरामद हुईं। मामले में नामजद आरोपी नीरज निवासी अलवर अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से अलग-अलग शहरों के ज्वैलर्स को निशाना बनाते थे। पहले असली सोने के आभूषण गिरवी रखकर समय पर पैसे लौटाते और कई बार ऐसा कर विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद सोने की परत चढ़े नकली आभूषण गिरवी रखकर उसके बदले 60 से 70 प्रतिशत कीमत की असली सोने की ज्वैलरी लेकर मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी कलालघाटी क्षेत्र के एक अन्य ज्वैलर्स को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

रघुवीर का आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी रघुवीर नायक के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सम्भल जनपद में एनडीपीएस एक्ट तथा धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस टीम में सीआईयू प्रभारी उपनिरीक्षक रणजीत तोमर, उपनिरीक्षक दीपक धारीवाल, अपर उपनिरीक्षक अहसान अली, कोतवाली कोटद्वार से उपनिरीक्षक अभिनव शर्मा, उपनिरीक्षक शोयब अली, चौकी प्रभारी बाजार उपनिरीक्षक विनोद चपराना, हेड कांस्टेबल करण यादव, उत्तम कुमार (CIU), कांस्टेबल कुलदीप, चंद्रपाल, गंभीर, शीतांशु (CIU) और होमगार्ड कुलदीप शामिल रहे।

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