हरिद्वार जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: भगवानपुर में अवैध और अनियमित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, एक सील और तीन को नोटिस

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खबर डोज, हरिद्वार। स्वास्थ्य विभाग ने भगवानपुर क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हरिद्वार के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भगवानपुर के चिकित्सा अधीक्षक ने विभिन्न निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना पंजीकरण संचालन, मरीजों के उपचार से संबंधित अभिलेखों का अभाव, फायर NOC न होना और साफ-सफाई में लापरवाही जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के दौरान एक अस्पताल को मेडिकल स्टोर समेत सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि 21 अगस्त को चिकित्सा अधीक्षक ने सिटी हेल्थ केयर/खुशी हेल्थ केयर का पुनः निरीक्षण किया। मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का सामान बाहर रखा मिला और अस्पताल का संचालन नियमों के विपरीत पाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल और उसके मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सील कर दिया।

इसके बाद 24 अगस्त को गागलहेड़ी रोड स्थित निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। अपोलो हेल्थ केयर एवं जच्चा-बच्चा केंद्र की जांच में तीन मरीज भर्ती मिले, लेकिन उनके उपचार से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। अस्पताल और मेडिकल स्टोर के पंजीकरण, स्टाफ के दस्तावेज तथा अग्निशमन विभाग की NOC भी उपलब्ध नहीं मिली। डॉक्टर के स्थान पर केवल कु. सालेहा सदफ की BUMS डिग्री प्रस्तुत की गई। अस्पताल में साफ-सफाई और हाइजीन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए एक दिन का समय दिया है।

बताया कि फैमिली अस्पताल का निरीक्षण किया गया। यहां दो मरीज भर्ती मिले, लेकिन उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। अस्पताल, मेडिकल स्टोर और फायर NOC से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से केवल मो. शादाब की BUMS डिग्री प्रस्तुत की गई। साफ-सफाई की स्थिति खराब मिलने पर अस्पताल प्रबंधन को एक दिन के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही CMO हरिद्वार को अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।

बताया कि मेडिकेयर अस्पताल की जांच की गई। अस्पताल में दो OPD, एक ICU और एक NICU संचालित मिले। मौके पर दो मरीज और एक नवजात शिशु भर्ती था। हालांकि, भर्ती मरीजों के उपचार और मेडिकल स्टोर से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। मेडिकल स्टोर में Piperacillin & Tazobactam और Linezolid जैसी दवाएं रखी मिलीं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था भी खराब मिली। स्वास्थ्य विभाग ने एक दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा अधीक्षक ने सभी अस्पतालों में मिली अनियमितताओं की विस्तृत जांच आख्या मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार को भेज दी है। रिपोर्ट में संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से भगवानपुर क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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