खड़खड़ी में पंचतत्व में विलीन हुए मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, देखिए वीडियो

खबर डोज, हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।
91 वर्षीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने देहरादून में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
खड़खड़ी श्मशान घाट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, सेना के अधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी ने सैनिक जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड की राजनीति में एक सादगीपूर्ण, दृढ़ और दूरदर्शी नेता के रूप में जाना जाता था। सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
उनके निधन को प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। खंडूरी के जाने से उत्तराखंड ने एक ऐसा नेतृत्वकर्ता खो दिया, जिसने ईमानदार राजनीति और सुशासन की अलग पहचान बनाई।

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